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पश्चिम बंगाल से राज्यसभा पहुंचीं पहली समलैंगिक सांसद मेनका गुरुस्वामी कौन हैं?
मेनका गुरुस्वामी देश की पहली महिला समलैंगिक सांसद बनी हैं

पश्चिम बंगाल से राज्यसभा पहुंचीं पहली समलैंगिक सांसद मेनका गुरुस्वामी कौन हैं?

लेखन गजेंद्र
Mar 10, 2026
07:18 pm

क्या है खबर?

पश्चिम बंगाल से सोमवार को राज्यसभा के 5 सांसदों का चुनाव किया गया, जिसमें 4 तृणमूल कांग्रेस (TMC) और एक भाजपा का सदस्य है। इनमें TMC ने वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी को उम्मीदवार बनाया था, जो निर्विरोध चुनी गई हैं। जीत के बाद गुरुस्वामी देश की पहली समलैंगिक सांसद बन गई हैं। गुरुस्वामी के अलावा, TMC से बाबुल सुप्रियो, राजीव कुमार, कोएल मल्लिक और भाजपा से राहुल सिन्हा निर्विरोध चुने गए हैं। मेनका गुरुस्वामी कौन हैं? आइए, जानते हैं।

पहचान

भाजपा में थे मेनका के पिता

मेनका सुप्रीम कोर्ट की वकील हैं। उनका जन्म 1974 में हैदराबाद में हुआ था। उनके पिता मोहन गुरुस्वामी पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा के विशेष सलाहकार रहे हैं। मेनका 11 साल की उम्र में परिवार के साथ दिल्ली आई थीं। उन्होंने नेशनल लॉ स्कूल, ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई और शोध किया है। उन्होंने 1997 में अटॉर्नी जनरल अशोक देसाई के साथ क्लर्क का काम किया और 2002 से सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रही हैं।

जीवन

खुले तौर पर समलैंगिक रिश्ते में हैं मेनका

मेनका ने अपने समलैंगिक रिश्ते की घोषणा जुलाई 2019 में की थी। वह सुप्रीम कोर्ट की वकील अरुंधति कटजू के साथ 2018 से रिश्ते में हैं। दोनों ने समलैंगिकता को कानूनी वैधता देने वाले सेक्शन 377 का मामला लड़ा था। उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल पर अपने रिश्ते का खुलासा किया था। मेनका अविवाहित हैं। उनको टाइम पत्रिका के 100 सबसे प्रभावशाली लोग, फॉरेन पॉलिसी के 100 ग्लोबल थिंकर्स और फोर्ब्स इंडिया विमेन-पावर ट्रेलब्लेजर्स (2019) में शामिल किया गया है।

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केस

कई प्रमुख केस लड़े

मेनका ने अरुंधति के साथ लड़कर धारा 377 को अपराध से बाहर निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट में बहस की थी। उन्होंने शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षण को संवैधानिक ठहराया। मेनका ने 2011 में छत्तीसगढ़ में सलवा जुडूम को अवैध घोषित कराया और अगस्ता वेस्टलैंड रिश्वत मामले में पूर्व एयर चीफ मार्शल एसपी त्यागी को जमानत दिलवाई। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, यूनिसेफ और नेपाल के संविधान निर्माण में सलाह दी है।

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