#NewsBytesExplainer: तमिलनाडु में TVK के सभी विधायक इस्तीफा दे दें तो क्या होगा?
क्या है खबर?
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव में थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं, लेकिन उसे बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए सहयोगियों की तलाश है। इस बीच ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) और द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के साथ आने की खबरें हैं। ऐसा होने पर TVK के सभी विधायकों ने इस्तीफा देने की धमकी दी है। आइए जानते हैं ऐसा हुआ तो आगे क्या हो सकता है।
खबरें
इस्तीफे को लेकर TVK ने क्या कहा?
पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर DMK और AIADMK की सरकार बनाने की कवायद होगी तो थलापति विजय की पार्टी के सभी 107 विधायक एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, विजय ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। TVK का मानना है कि दोनों पार्टियां सबसे ज्यादा जनसमर्थन पाने वाली पार्टी को सत्ता से बाहर करना चाहती हैं। यह खबर ऐसे वक्त आई है, जब DMK-AIADMK में पिछले 2 दिनों में 2 बैठके हुई हैं।
इस्तीफा
अगर TVK के 107 विधायक इस्तीफा दें तो क्या होगा?
तमिलनाडु विधानसभा में 234 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 118 है। अगर TVK के सभी 107 विधायक इस्तीफा देते हैं और उन्हें स्वीकार कर लिया जाता है, तो विधानसभा की प्रभावी संख्या 234 से घटकर 127 हो जाएगी। ऐसी स्थिति में बहुमत का आंकड़ा भी 118 से घटकर मात्र 64 रह जाएगा। यानी DMK-AIADMK गठबंधन आधी विधानसभा सीटें खाली होने के बावजूद भी आराम से सरकार बना सकता है।
प्रक्रिया
क्या विधायक केवल इस्तीफा देकर पद छोड़ सकते हैं?
संविधान के अनुच्छेद 190(3)(ख) के तहत, विधायक का इस्तीफा तभी मान्य होगा, जब उसे स्पीकर द्वारा स्वीकार कर लिया गया हो। संविधान में कहा गया है कि स्पीकर को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस्तीफा खुद की इच्छा से दिया गया है और वास्तविक है। सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में कर्नाटक में कांग्रेस-JDS सरकार से जुड़े एक मामले में कहा था कि पीठासीन अधिकारी को यह जांच करने का अधिकार है कि इस्तीफे वास्तविक और स्वैच्छिक हैं या नहीं।
स्पीकर
सदन में स्पीकर नहीं होने की स्थिति में क्या है प्रावधान?
तमिलनाडु में कोई स्पीकर नहीं है, क्योंकि नई विधानसभा का औपचारिक गठन नहीं हुआ है। विधायकों को शपथ दिलाने के लिए एक कार्यवाहक स्पीकर नियुक्त किया जाता है और फिर स्पीकर का चुनाव होता है। अगर स्पीकर की नियुक्ति से पहले TVK विधायक सामूहिक रूप से इस्तीफा देते हैं, तो संभव है कि शपथ ग्रहण के बाद इस्तीफे कार्यवाहक अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं। हालांकि, राज्यपाल इससे पहले सरकार गठन और बहुमत परीक्षण को प्राथमिकता दे सकते हैं।
सरकार
अगर सरकार बनने के बाद विधायक इस्तीफा दें तो क्या होगा?
सरकार बनने और स्पीकर चुने जाने के बाद अगर TVK के सभी 107 विधायक एक साथ इस्तीफा देते हैं, तब भी ये तुरंत रूप से प्रभावी नहीं होते। इसके बाद स्पीकर व्यक्तिगत रूप से हर इस्तीफे की जांच करेगा। स्पीकर विधायकों को व्यक्तिगत रूप से बुला सकता है, यह जांच कर सकता है कि क्या इस्तीफे दबाव में दिए जा रहे हैं, या यह निर्धारित कर सकता है कि क्या दलबदल विरोधी कार्यवाही शामिल है।
सरकार गिरना
क्या सामूहिक इस्तीफों से सरकार गिर जाएगी?
अगर TVK के सभी विधायक इस्तीफा दें तो भी सरकार अपने आप नहीं गिर जाएगी। अगर इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं, तो सदन की संख्या कम हो जाएगी और बहुमत का आंकड़ा भी घट जाएगा। तब सरकार को केवल कम हुई संख्या वाले सदन में बहुमत साबित करना होगा। यानी 107 सीटें खाली रहने के बावजूद सरकार कानूनी रूप से बनी रह सकती है। हालांकि, सरकार की वैधता और जनमत को नजरअंदाज किए जाने पर सवाल उठ सकते हैं।