कौन होगा केरलम का अगला मुख्यमंत्री? इन नामों की हो रही चर्चा
क्या है खबर?
केरलम विधानसभा चुनाव के नतीजों में राज्य में सरकार बदलने के आसार हैं। अब तक के रुझानों में सत्तारूढ़ LDF बुरी तरह पिछड़ गया है और केवल 42 सीटों पर आगे है। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF 92 सीटों पर आगे है। भाजपा को 2 सीटों पर बढ़त है। अगर रुझान नतीजों में बदले तो केरल में सत्ता के साथ-साथ मुख्यमंत्री भी बदलना तय है। आइए इस पद के संभावित उम्मीदवारों को जानते हैं।
वीडी सतीशन
वीडी सतीशन का नाम सबसे आगे
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे नाम वीडी सतीशन का माना जा रहा है। वे 2021 से विपक्ष के नेता हैं और पिछले कुछ सालों से पिनरई विजयन सरकार के खिलाफ विरोध की मजबूत आवाज रहे हैं। वकील से नेता बने सतीशन 2001 से लगातार परवूर सीट से विधायक हैं। UDF की सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी खुले तौर पर सतीशन का समर्थन किया है।
सनी जोसेफ
सनी जोसेफ के भी नाम की चर्चा
मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सनी जोसेफ के नाम की भी चर्चा है। वह केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी और कन्नूर जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। समर्थकों के बीच उन्हें 'सनी वकील' के नाम से जाना जाता है। सतीशन की तरह राजनीति में आने से पहले वे भी वकील रह चुके हैं।
रमेश चेन्निथला
रमेश चेन्निथला भी दौड़ में
केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला भी मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल हैं। रमेश कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं और हरिपद सीट से विधानसभा चुनाव जीतते रहे हैं। वर्तमान चुनावों में उन्हें चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। वे 2016 से 2021 तक केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे हैं। वे 28 साल की उम्र में राज्य के सबसे युवा मंत्री भी रहे हैं।
केसी वेणुगोपाल
केसी वेणुगोपाल के नाम की भी चर्चाएं
फिलहाल केसी वेणुगोपाल के नाम की भी चर्चाएं हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता है और करीब 7 साल से वे संगठन महासचिव हैं। केरल चुनाव के दौरान कई बागी उम्मीदवार मैदान में उतर गए थे। ऐसे में वेणुगोपाल ने खुद राज्य में रहकर नेताओं से समन्वय किया और बागियों को मनाकर नाम वापस करवाया। इससे पार्टी को एकजुट रखने में मदद मिली। हालांकि, संगठन से उनकी वापसी पर आलाकमान ही निर्णय लेगा।
शशि थरूर
क्या शशि थरूर को मिलेगा पद?
शशि थरूर 2009 से लगातार तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से सांसद हैं। उन्होंने विदेश राज्य मंत्री और मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया है। राजनीति में आने से पहले वे संयुक्त राष्ट्र (UN) में 29 सालों तक काम कर चुके हैं। पद के दावेदारी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, "पार्टी में एक तय प्रक्रिया है। नतीजों के बाद पार्टी अध्यक्ष का प्रतिनिधि विधायकों से राय लेता है और उसकी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपी जाती है।"