उत्तर प्रदेश: कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नसीमउद्दीन सिद्दीकी ने थामा समाजवादी पार्टी का दामन
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नसीमउद्दीन सिद्दीकी रविवार को समाजवादी पार्टी (SP) में शामिल हो गए। इस दौरान SP प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद थे। सिद्दीकी ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। उनका यह कदम अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों के बीच आया है। उनके अलावा बहुजन समाज पार्टी (BSP) और अपना दल के नेता भी SP में शामिल हुए हैं।
नेता
ये नेता भी हुए SP में शामिल
सिद्दीकी के अलावा, BSP नेता अनीस अहमद खान उर्फ फूल बाबू, पूर्व अपना दल (सोनेलाल) विधायक राजकुमार पाल, पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा और दानिश खान सहित कई अन्य प्रमुख नेताओं ने भी SP की सदस्यता ग्रहण की है। बता दें कि सिद्दीकी को उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख मुस्लिम नेता के रूप में व्यापक रूप से देखा जाता है। उनका SP में जाना पार्टी के लिए कहीं न कहीं अच्छी खबर हो सकती है।
ट्विटर पोस्ट
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पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी जी, पूर्व विधायक राजकुमार पाल जी व पूर्व मंत्री अनीस अहमद खान जी ने आज अपने हजारों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया।
— Dr. Ashutosh Verma (Ashutoss) (@DrVermaAshutosh) February 15, 2026
यह क्षण विचार, विश्वास और जनसेवा की नई ऊर्जा का प्रतीक है। समाजवादी परिवार में आप सभी का हार्दिक स्वागत 💐… pic.twitter.com/Z9wofzkIBW
इस्तीफा
सिद्दीकी ने 24 जनवरी को दिया था इस्तीफा
सिद्दीकी ने 24 जनवरी को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया, जहां वे प्रदेशाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। उनका इस्तीफा राहुल गांधी की रायबरेली यात्रा के दौरान लखनऊ में हुई एक घटना के बाद आया, जब कथित तौर पर सिद्दीकी को कांग्रेस नेता का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर प्रवेश करने से रोक दिया गया था। उसके कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा और बाद में उन्होंने निराश होकर पार्टी से ही इस्तीफा दे दिया।
राजनीति
मायावती सरकार में 4 बार मंत्री रह चुके थे सिद्दीकी
ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि सिद्दीकी BSP में फिर से शामिल हो सकते हैं, जिसके साथ उनका कांशी राम के समय से ही लंबा जुड़ाव रहा है। उन्हें मायावती का करीबी माना जाता था, जिन्होंने उत्तर प्रदेश की 4 बार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। इन चारों कार्यकालों के दौरान सिद्दीकी ने कैबिनेट में मंत्री पद संभाले। हालांकि, उन्हें 2017 में BSP से निष्कासित कर दिया गया और अगले ही साल वे कांग्रेस में शामिल हो गए।