उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार, 6 विधायक बनाए गए मंत्री
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल का आज दूसरी बार विस्तार हुआ है। 6 नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया गया है। इनमें भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडे, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत, सुरेंद्र दिलेर के नाम हैं। नए मंत्रियों में एक ब्राह्मण, 3 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और 2 दलित वर्ग से हैं। वहीं, 2 मंत्रियों का प्रमोशन हुआ है। इनमें राज्यमंत्री अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर का नाम है।
परिचय
नए चेहरों के बारे में जानिए
भूपेंद्र चौधरी: उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष। फिलहाल विधान परिषद सदस्य। मनोज पांडे: ऊंचाहार से विधायक। समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में आए। कृष्णा पासवान: खागा सीट से भाजपा विधायक हैं। 4 बार विधायक और 2 बार जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। सुरेंद्र दिलेर: खैर सीट से विधायक। हाथरस के पूर्व सांसद राजवीर सिंह दिलेर के बेटे हैं। हंसराज विश्वकर्मा: भाजपा से MLC। पिछड़ा वर्ग की राजनीति में मजबूत पकड़। कैलाश राजपूत: तिर्वा से विधायक। पहले BSP में रहे।
पिछला विस्तार
पहले मंत्रिमंडल विस्तार में बनाए गए थे 4 मंत्री
योगी सरकार ने पहला मंत्रिमंडल विस्तार 2024 के लोकसभा चुनाव ठीक पहले 5 मार्च को किया था। तब 4 नेताओं को मंत्री बनाया गया था। इनमें सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर, SP छोड़कर भाजपा में आने वाले दारा सिंह चौहान, राष्ट्रीय लोक दल के अनिल कुमार और भाजपा के सुनील शर्मा के नाम शामिल थे। फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री को मिलाकर 54 मंत्री हैं। आज विस्तार के बाद ये 60 हो गए हैं।
अखिलेश
अखिलेश बोले- 9 महीने में मंत्री क्या कर लेंगे?
अखिलेश यादव ने कहा, 'मंत्रिमंडल में केवल 6 रिक्तियां हैं, इससे ज्यादा तो दूसरे दल से पाला बदल कर आए लोग हैं, क्या उन सभी को मंत्री पद से नवाजा जाएगा? एक समाज के कई विधायकों में से एक को चुना जाएगा तो आधार क्या होगा? जनता ये भी पूछ रही है कि आखिरी 9 महीनों में ये मंत्री क्या कर लेंगे जब 9 साल में ये सरकार कुछ न कर सकी।'
जातिगत समीकरण
कैसे साधे गए जातिगत समीकरण?
उत्तर प्रदेश में भाजपा के 258 विधायक हैं। इनमें 85 OBC, 59 SC, 45 राजपूत, 42 ब्राह्मण और 28 अन्य सवर्ण जातियों से हैं। आज हुए मंत्रिमंडल विस्तार में पिछड़े वर्ग से 3 चेहरों को शामिल किया गया है। महिला आरक्षण पर बहस के बीच एक महिला को भी जगह मिली है। सुरेंद्र दिलेर और कृष्णा पासवान को मंत्रिमंडल में शामिल कर दलित वर्ग को साधने की कोशिश की गई है।