उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले सिपाही के घर पर छापा
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात जिस सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने विभाग में भ्रष्टाचार का खुलासा किया है, उसने सोमवार को अपने घर पर पुलिस छापेमारी का आरोप लगाया है। शुक्ला ने वीडियो जारी कर कहा कि रविवार रात को एक बजे उसके घर पर 6 से 7 पुलिस कर्मियों ने दबिश डाली है, जबकि उनके घर में बीमार मां और बहन रहती हैं। शुक्ला ने बताया कि इस तरह के छापों से उसे तोड़ा नहीं जा सकता है।
आरोप
विभाग ने आरोपों का खंडन किया
लखनऊ पुलिस ने शुक्ला के आरोपों का खंडन करते हुए एक बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित दबिश और परिजनों से दुर्व्यवहार से संबंधी आरोप निराधार और असत्य है। पुलिस ने कहा कि शुक्ला ने सोशल मीडिया पर पुलिस के ऊपर कई तरह के आरोप लगाए हैं, जिसके तहत जांच समिति जांच कर रही है और उनको नोटिस भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि टीम नोटिस देने के लिए उनके घर गई थी।
आरोप
क्या है मामला?
लखनऊ कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील शुक्ला ने 7 मई को एक वीडियो जारी कर कहा था कि पुलिस विभाग में IPS अधिकारी लूट की जमींदारी व्यवस्था चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने जिन सिपाहियों और दीवान को नियुक्ति दी है, उनसे ड्यूटी लगाने के बदले 2-2,000 रुपए वसूले जाते है, जो अनुमानित एक महीने में 8 से 10 लाख रुपये हैं। शुक्ला का दावा था कि वसूली की रकम ऊपर तक बंटती है।
ट्विटर पोस्ट
सिपाही का नया वीडियो
"मुख्यमंत्री जी, क्या मैं आतंकवादी हूं या नक्सलवादी हूं ?"
— Priya singh (@priyarajputlive) May 11, 2026
ये लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात कॉन्स्टेबल सुनील शुक्ला हैं. इन्होंने लगातार वीडियो बना विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
सुनील ने 7 मई, 8 मई के बाद अब ये नई वीडियो जारी किया है. सुनील… pic.twitter.com/UdoJDCJeQ8