तमिलनाडु विधानसभा में केंद्र की वीबी-जी राम जी योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित, मनरेगा का समर्थन
क्या है खबर?
तमिलनाडु की विधानसभा में शुक्रवार को केंद्र सरकार की विकसित भारत-रोजगार की गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया है। प्रस्ताव मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पेश किया था, जिसमें भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) यानी मनरेगा का नाम बदलने का विरोध शामिल था। प्रस्ताव पारित होने के तुरंत बाद, तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने फेसबुक पर स्टालिन को निशाने पर लिया।
विरोध
महात्मा गांधी का नाम बरकरार रखने की मांग
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की सरकार ने अपने प्रस्ताव में केंद्र सरकार से ग्रामीण रोजगार योजना के लिए महात्मा गांधी का नाम बरकरार रखने की मांग की है। साथ ही वास्तविक रोजगार मांग और राज्यवार प्रदर्शन के अनुरूप पर्याप्त और निरंतर धनराशि के आवंटन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। प्रस्ताव में ग्रामीण नागरिकों के 'काम के अधिकार' की रक्षा करने और कार्यक्रम का महत्व महिलाओं, विकलांगों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए बताया गया है।
हंगामा
विधानसभा में हुआ भारी हंगामा
विधानसभा में यह प्रस्ताव भारी हंगामे के बीच पारित किया गया है। इससे पहले सत्र शुरू होने के पहले ही दिन काफी नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला था, जब राज्यपाल आरएन रवि ने DMK सरकार द्वारा तैयार पाठ को 'अशुद्धियों' का हवाला देकर पढ़ने से इनकार कर दिया था। तब स्टालिन ने राज्यपाल पर संवैधानिक प्रावधानों और विधायी परंपराओं की अवहेलना का आरोप लगाया और कहा कि अगर ऐसा जारी रहा तो DMK संसद में संवैधानिक संशोधन की कोशिश करेगी।