
सुषमा स्वराज की नसीहत- आडवाणी जी पिता समान, भाषा की मर्यादा रखें राहुल गांधी
क्या है खबर?
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लालकृष्ण आडवाणी को लेकर भाषा की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी है।
उन्होंने आडवाणी को पिता तुल्य बताया है।
सुषमा ने यह बात राहुल के उस बयान के जवाब में कही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुरु आडवाणी को जूता मार के स्टेज से उतार दिया।
भाजपा के आडवाणी को लोकसभा टिकट न देने पर राहुल ने यह बात कही थी।
विवादित बयान
राहुल ने कहा था, मोदी ने गुरु आडवाणी को जूता मार स्टेज से उतारा
राहुल ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के चंद्रपुर की एक जनसभा में अपने गुरु आडवाणी का अपमान करने के लिए मोदी की आलोचना की थी।
उन्होंने कहा था, "हिंदू धर्म में गुरुओं को बहुत महत्व दिया जाता है। आडवाणी जी मोदीजी के गुरु हैं। शिष्य गुरु के सामने हाथ भी नहीं जोड़ता। जूता मार के आडवाणी जी को उतारा स्टेज से और वो हिंदू धर्म की बात करते हैं। हिंदू धर्म में कहां लिखा है कि लोगों को मारना चाहिए।"
प्रतिक्रिया
राहुल के बयान से आहत हुईं सुषमा
राहुल के इसी बयान से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बेहद आहत हो गईं और उन्होंने राहुल को भाषा की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दे डाली।
उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, "राहुल जी, आडवाणी जी हमारे पिता तुल्य हैं। आपके बयान ने हमें बहुत आहत किया है। कृपया भाषा की मर्यादा रखने की कोशिश करें।"
सुषमा भाजपा की ऐसी पहली नेता हैं जिसने राहुल के बयान पर आधिकारिक बयान दिया है।
ट्विटर पोस्ट
सुषमा ने कहा- आडवाणी पिता तुल्य, बयान ने किया आहत
राहुल जी - अडवाणी जी हमारे पिता तुल्य हैं. आपके बयान ने हमें बहुत आहत किया है. कृपया भाषा की मर्यादा रखने की कोशिश करें. #Advaniji
— Chowkidar Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) April 6, 2019
Rahulji - Advani ji is our father figure. Your words have hurt us deeply. Please try to maintain some decorum of your speech. #Advaniji
बयान
विरोधियों को राष्ट्र विरोधी बोलने पर आडवाणी ने पार्टी नेताओं को चेताया
बता दें कि भाजपा ने इस बार आडवाणी की गांधीनगर लोकसभा सीट से उनकी जगह पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को टिकट दी है।
आडवाणी इससे पहले गांधीनगर से 6 बार चुनाव जीत चुके थे।
राहुल के बयान से एक दिन पहले ही उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं को विरोधियों को 'राष्ट्र विरोधी' बोलने को लेकर चेताया था।
उन्होंने कहा था कि भाजपा ने कभी भी उन लोगों को 'राष्ट्र विरोधी' नहीं माना, जो राष्ट्रवाद के उनके विचारों से असहमत थे।