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सुखबीर बादल ने की बड़ी घोषणा, महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक का करेंगे समर्थन
सुखबीर बादल ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर बड़ा ऐलान किया है

सुखबीर बादल ने की बड़ी घोषणा, महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक का करेंगे समर्थन

Aug 08, 2026
06:13 pm

क्या है खबर?

शिरोमणि अकाली दल (SAD) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को चंडीगढ़ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद बड़ा ऐलान किया है। SAD ने देश में महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू करने और निष्पक्ष परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने की केंद्र सरकार की तैयारी का पूर्ण समर्थन किया है। यह फैसला सुखबीर बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुक्रवार को हुई मुलाकात के ठीक एक दिन बाद आया है। आइए जानते हैं बादल ने क्या कुछ कहा।

हवाला

महिला अधिकारों पर सिख गुरुओं की सीख का हवाला

बैठक के बाद SAD प्रमुख ने एक्स पर लिखा, 'SAD ने आज चंडीगढ़ में अपने वरिष्ठ नेताओं की बैठक में देश में महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग की। SAD को सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा मिलती है, जिन्होंने महिलाओं के सम्मान, समानता और समान अधिकारों की वकालत की थी।'

बादल ने आगे लिखा, 'शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपनी सभा में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था करके पहले ही एक मिसाल कायम की है।'

समर्थन

बादल ने की परिसीमन प्रक्रिया के समर्थन की भी घोषणा

बादल ने लिखा, 'संसद के सामने मौजूद अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद SAD ने निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परिसीमन की भी मांग की, जिससे सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व मिल सके। SAD ने उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसे भारत सरकार ने सदन में पेश किया था, जिसमें सभी राज्यों की सीटों में एक समान 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की बात कही गई थी। पार्टी चाहती है कि महिला आरक्षण और परिसीमन का काम तुरंत किया जाना चाहिए।'

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बयान

हम परिसीमन के विरोधी नहीं थे- दलजीत सिंह चीमा

सरकार साल 2029 में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 या 850 करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने का प्रयास कर रही है।

इस पर SAD नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा, "हम परिसीमन के विरोध में नहीं थे। हमारी चिंता थी कि जनसंख्या नियंत्रण उपाय सफलतापूर्वक लागू करने वाले राज्यों को नुकसान न हो। इस पर गृह मंत्री ने सभी के लिए 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का सुझाव दिया है।"

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ट्विटर पोस्ट

यहां सुने चीमा का बयान

मायने

क्या है बादल की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के राजनीतिक मायने?

संसद भवन में बादल और प्रधानमंत्री मोदी के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी।

हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस बैठक का एजेंडा पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार पर केंद्रित बताया गया था, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके गहरे मायने निकाले जा रहे हैं।

बता दें कि सितंबर 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर NDA से नाता तोड़ने के बाद दोनों दलों के बीच दूरियां आ गई थीं।

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