
स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप, ट्वीट किया दावे का वीडियो
क्या है खबर?
अमेठी से भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर मतदान केंद्र पर कब्जा करने (बूथ कैप्चरिंग) का आरोप लगाया है।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष और अमेठी से अपने विरोधी राहुल गांधी पर भी हमला बोला।
बता दें कि अमेठी सहित 7 राज्यों की 51 लोकसभा सीटों पर पांचवें चरण का मतदान जारी है।
इस दौरान 8.76 करोड़ मतदाता कई दिग्गजों समेत कुल 674 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।
मामला
महिला ने किया जबरदस्ती कांग्रेस को वोट डलवाने का दावा
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर बूथ कैप्चरिंग को आरोप लगाते हुए एक वीडियो ट्वीट किया है।
वीडियो में गौरीगंज के गूजरटोला बूथ नंबर 316 पर वोट डालने वाली एक महिला को देखा जा सकता है, जो कह रही है कि पीठासीन अधिकारी ने उससे जबरदस्ती हाथ के चुनाव चिन्ह वाले कांग्रेस के बटन पर वोट डलवाया गया।
स्मृति ने अपने ट्वीट में चुनाव आयोग को ट्वीट करते हुए लिखा है कि राहुल बूथ कैप्चरिंग करा रहे हैं।
ट्विटर पोस्ट
स्मृति ने ट्वीट किया दावे का वीडियो
Alert @ECISVEEP Congress President @RahulGandhi ensuring booth capturing. https://t.co/KbAgGOrRhI
— Chowkidar Smriti Z Irani (@smritiirani) May 6, 2019
बयान
स्मृति का हमला, अपने पति से ज्यादा मेरा नाम लेती हैं प्रियंका
स्मृति ने कहा, "मैंने चुनाव आयोग को ट्वीट करके घटना की जानकारी दे दी है। आशा करती हूं कि वह कार्रवाई करेंगे। देश के लोगों के तय करना होगा कि राहुल गांधी की इस तरीके की राजनीति की दंडित की जाए या नहीं।"
इस दौरान उन्होंने प्रियंका गांधी पर हमला बोलते हुए कहा, "उन्हें 5 साल पहले मेरा नाम नहीं पता था और अब वह मेरा नाम लेती रहती हैं। अब वह अपने पति से ज्यादा मेरा नाम लेती हैं।"
अमेठी लोकसभा सीट
कांग्रेस का गढ़ है अमेठी
बता दें कि अमेठी पांचवें चरण की सबसे चर्चित सीट है और यहां मुख्य मुकाबला राहुल और स्मृति के बीच है।
सीट को कांग्रेस को गढ़ माना जाता है और राहुल पिछले 3 बार से यहां से सांसद हैं।
सीट प्रियंका गांधी के चुनावी प्रभार में आती है और यह कांग्रेस के लिए एक निश्चिंत करने वाली बात है।
राहुल अमेठी के लोगों को अपने परिवार का सदस्य बता कर सीट से अपने पारिवारिक रिश्ते को भुना भी चुके हैं।
रणनीति
कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाना चाहती है भाजपा
वहीं, भाजपा ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए राहुल को उन्हीं के गढ़ में घेरने की कोशिश की है और पिछली बार उन्हें टक्कर देने वाली स्मृति को फिर से मैदान में उतारा है।
स्मृति और भाजपा ने सीट पर आक्रामक प्रचार किया है और वह राहुल को कड़ी चुनौती देने की उम्मीद लगा रहे हैं।
बता दें कि 2014 चुनाव में राहुल ने स्मृति को लगभग 1 लाख वोटों के अंतर से हराया था।