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एस जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर दिया अहम बयान, जानिए क्या-क्या कहा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष पर राज्यसभा में जानकारी दी (फाइल तस्वीर)

एस जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर दिया अहम बयान, जानिए क्या-क्या कहा

लेखन गजेंद्र
Mar 09, 2026
11:37 am

क्या है खबर?

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच सरकार की ओर से जानकारी दी है। उन्होंने विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच कहा कि पश्चिम एशिया के हालात चिंताजनक बने हुए हैं। उन्होंने सभी से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार हालात पर नजर रखे हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

बयान

क्या बोले जयशंकर?

जयशंकर ने कहा, "ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति जारी रहनी चाहिए। मौजूदा स्थिति भारत के लिए गहरी चिंता का विषय है। संघर्ष में ईरान के नेतृत्व समेत कई लोग हताहत हुए हैं।" उन्होंने कहा कि कैबिनेट की सुरक्षा समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घटनाक्रम की जानकारी दी है। सभी देशों के साथ चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी।

बयान

आपूर्ति चेन में रूकावट गंभीर मुद्दा- जयशंकर

जयशंकर ने कहा, "हम एक पड़ोसी क्षेत्र हैं, और पश्चिम एशिया में स्थिरता बनाए रखने में हमारी साफ दिलचस्पी है। खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। ईरान में भी, कुछ हज़ार भारतीय पढ़ाई या नौकरी के लिए हैं। यह क्षेत्र हमारी ऊर्जा सुरक्षा के लिए ज़रूरी है और इसमें तेल और गैस के कई जरूरी आपूर्तिकर्ता शामिल हैं।" उन्होंने आगे कहा, "आपूर्ति चेन में गंभीर रुकावटें और अस्थिरता का माहौल होना गंभीर मुद्दे हैं।"

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बयान

बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाया जाना चाहिए- जयशंकर

जयशंकर ने आगे कहा, "संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है, और क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। यह संघर्ष दूसरे देशों में भी फैल गया है और तबाही बढ़ रही है। आम जिंदगी और गतिविधियों पर साफ तौर पर असर पड़ा है।" उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का मानना ​​है कि तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। विदेश मंत्री के बोलने के दौरान विपक्षी सांसद नारेबाजी करते रहे।

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बयान

"भारतीय उपभोक्ता हित सर्वोपरि प्राथमिकता"

जयशंकर ने जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय उपभोक्ता का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बना रहेगा और चेतावनी दी कि इस संकट से "आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान" हो सकता है। जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और भारतीय उपभोक्ताओं के कल्याण सहित भारत के राष्ट्रीय हित, मौजूदा स्थिति में प्रमुख प्राथमिकता बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि बढ़ते तनाव के बीच लगभग 67,000 भारतीय नागरिक उस क्षेत्र से लौट चुके हैं।

बयान

जेपी नड्डा ने विपक्ष पर गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का आरोप लगाया

राज्यसभा में सदन के नेता और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जयशंकर के बयान के दौरान लगातार नारेबाजी पर विपक्ष पर गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसकी जितनी निंदा की जाए उतना कम है, विपक्ष की दिलचस्पी न तो देश में है और न ही बहस में है, वे सिर्फ हंगामा मचाना है। नड्डा ने कहा कि विपक्ष की दिलचस्पी केवल हुड़दंग मचाना है।

शरण

हिंद महासागर में 3 जहाज थे, जिसमें 1 को शरण दी

जयशंकर ने ईरानी जहाजों को लेकर कहा कि उन्होंने 28 फरवरी और 5 मार्च को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की थी। उन्होंने बताया कि ईरान के 3 जहाज हिंद महासागर में थे, जिसमें से एक को ईरान के निवेदन के बाद लंगर डालने की अनुमति दी थी और शरण दी थी। उन्होंने बताया कि इसके लिए ईरान ने धन्यवाद भी कहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने 2 नाविकों को खोया है और एक लापता है।

बयान

युद्ध शुरू होने से पहले ही जताई थी चिंता- जयशंकर

जयशंकर ने यह भी कहा कि केंद्र की सरकार ने 20 फरवरी को ही ईरान में तनाव शुरू होने से पहले एक बयान जारी कर गहरी चिंता जताई थी। उसने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी और शांति बनाए रखने को कहा था। उन्होंने फिर दोहराया कि तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाना चाहिए। भारत ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भी सतर्क है और सभी देशों से बातचीत जारी है।

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