सुभाष चंद्रा के लोन माफी पर राहुल गांधी का निशाना, बोले- बैंक का पैसा निजी संपत्ति
क्या है खबर?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जी समूह के संस्थापक सुभाष चंद्रा की लोन राहत पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने गुरुवार को एक्स पर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) को 'नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल' बताते हुए कहा कि चुनिंदा मित्रों के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने चंद अरबपतियों के लिए अलग व्यवस्था बना रखी है।
निशाना
कितना भी निकालो, जो मर्जी चुकाओ- राहुल
राहुल ने एक्स पर लिखा, 'NCLT- नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल। किसान 50,000 न चुकाए तो जमीन नीलाम। वेतनभोगी एक EMI न भर पाएं तो घर पर बैंक के गुंडे पहुंच जाते हैं। गरीब छात्रों को तो शिक्षा तक के लिए लोन नहीं मिलता। मगर, चुनिंदा मित्रों के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति है- कितना भी निकालो, जो मर्जी चुकाओ। मोदी सरकार ने देश में 2 व्यवस्थाएं बना रखी हैं- एक चंद अरबपतियों के लिए, दूसरी बाकी सबके लिए।'
ट्विटर पोस्ट
राहुल गांधी का पोस्ट
NCLT - “नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल”
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 27, 2026
किसान 50 हज़ार न चुकाए तो ज़मीन नीलाम हो जाती है। Salaried एक EMI न भर पाएं तो घर पर बैंक के गुंडे पहुंच जाते हैं। गरीब छात्रों को तो शिक्षा तक के लिए लोन नहीं मिलता।
मगर, चुनिंदा "मित्रों" के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति है - कितना भी… https://t.co/hFjtqdUimv
मामला
क्या है कर्ज राहत का मामला?
NCLT ने चंद्रा को राहत दी कि जिन लोगों और संस्थाओं का चंद्रा पर पैसा बकाया है, उन्हें 22,006.57 करोड़ रुपये के दावों के बदले कुल 6.5 करोड़ रुपये ही मिलेंगे।
यानी उन्हें दावे की करीब 0.03 प्रतिशत रकम मिलेगी और लगभग 99.97 प्रतिशत रकम नहीं मिलेगी।
बता दें कि चंद्रा के खिलाफ कर्ज चुकाने से जुड़ी दिवालिया प्रक्रिया चल रही थी। उनके कर्ज चुकाने के प्लान पर पहले NCLT की दो सदस्यीय पीठ में अलग-अलग राय सामने आई थी।