राहुल गांधी ने युवक की आत्महत्या को लेकर पंजाब सरकार को घेरा, भगवंत मान का पलटवार
क्या है खबर?
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पंजाब में 50 वर्षीय व्यक्ति की आत्महत्या को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पंजाब की AAP सरकार नशीली दवाओं की समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त कदम उठाने में विफल रही है। राहुल ने पीड़ित के लिए न्याय की भी मांग की। इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राहुल को जवाब दिया है।
राहुल का बयान
राहुल बोले- सवाल करने पर धमकी और प्रताड़ना मिल रही
राहुल ने कहा, 'पंजाब की AAP सरकार में खतरनाक पैटर्न दिख रहा है- सरकारी नाकामी पर सवाल करोगे, तो जवाब धमकी और प्रताड़ना से मिलेगा। अपने बेटे को नशे का शिकार बनते देखने वाले दलित समुदाय से आने वाले गुलजार जी ने वित्त मंत्री से सिर्फ इतना पूछा कि सरकार ड्रग्स का कारोबार रोकने में नाकाम क्यों है? इस बात पर उन्हें प्रताड़ित और अपमानित किया गया, माफी मांगने के लिए इतना दबाव बनाया गया कि उन्होंने जहर खा लिया।'
न्याय
राहुल ने की वित्त मंत्री के इस्तीफे की मांग
राहुल ने आगे कहा, 'पिछले हफ्ते मैंने एक युवा मोहनजीत सिंह से भी बात की, जिन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ प्रदर्शन करने पर प्रताड़ित किया गया। सरकार का काम जनता को जवाब देना है, सवाल पूछने वालों को कुचलना नहीं। गुलजार सिंह जी के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले। मुख्यमंत्री तत्काल वित्त मंत्री का इस्तीफा लें और सुनिश्चित करें कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो जिसकी FIR में उनका नाम दर्ज किया जाए।'
मान का बयान
मान बोले- पंजाबी मृतकों पर राजनीति पसंद नहीं करते
पंजाब के मुख्यमंत्री मान ने कहा, 'राहुल जी, लाशों पर राजनीति ना करो, पंजाबी इस तरह की राजनीति पसंद नहीं करते। कांग्रेसी नेता जब पीड़ित के गांव जाकर यही गंदी राजनीति करने का प्रयास कर रहे थे, तो लोगों ने उन्हें भगा दिया। इस मामले में सभी आरोपियों को पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया है। पंजाब में नशा फैलाने की जिम्मेदार अकाली, भाजपा और कांग्रेसी सरकारें रही हैं। मेरी सरकार में किसी भी नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।'
मामला
क्या है आत्महत्या का मामला?
दरअसल, पंजाब के संगरूर के गुलजार ने वित्त मंत्री से नशे को लेकर सबके सामने सवाल किए थे। इसके कुछ समय बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली।
मरने से पहले गुलजार ने कहा था, "मेरी मौत के लिए वित्त मंत्री चीमा भी जिम्मेदार हैं। मैंने उनसे नशे पर सवाल किया था। मेरा बेटा भी नशे का आदी है। इसी नशे की वजह से मेरा घर बिक गया। अब मेरे पास कुछ नहीं बचा है और आखिरकार मैंने जहर पी लिया है।"