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पंजाब की मतदाता सूची से राघव चड्ढा का नाम कटा, सांसद ने AAP का बदला बताया
पंजाब की मतदाता सूची से राघव चड्ढा का नाम कटा

पंजाब की मतदाता सूची से राघव चड्ढा का नाम कटा, सांसद ने AAP का बदला बताया

लेखन गजेंद्र
Sep 03, 2026
10:11 am

क्या है खबर?

पंजाब में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मसौदा सूची जारी की है, जिसमें राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम कट गया है। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में उनका नाम 'स्थायी तौर पर दूसरी जगह शिफ्ट' श्रेणी में दर्ज है। यह जानकारी बाहर आने पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। भाजपा नेता चड्ढा ने इसके लिए पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को जिम्मेदार ठहराया है और बदले की राजनीति बताई है।

बयान

राघव चड्ढा ने क्या कहा?

गुरुवार को चड्ढा ने एक्स पर लंबा बयान लिखा, 'पंजाब में AAP सरकार अब अपनी बदले की राजनीति को मतदाता सूची के मसौदा तक ले आई है। मैं पंजाब से राज्यसभा का मौजूदा सांसद हूं और मेरा वोटर-ID पंजाब के मोहाली में पंजीकृत है। फिर भी, मतदाता सूची के ड्राफ़्ट में मेरा नाम 'शिफ़्टेड' (यानी दूसरी जगह चले जाने वाला) दिखाया गया है। अच्छी बात यह है कि ये सिर्फ वोटर लिस्ट का मसौदा हैं, फाइनल वोटर लिस्ट नहीं।'

बयान

चड्ढा ने पूछा- किसकी गलती?

चड्ढा ने लिखा, 'दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान नामों में सुधार किया जाता है, और यह प्रक्रिया अभी चल रही है। अंतिम सूची अक्टूबर 2026 में जारी होगी। मैं पहले से ही SIR गाइडलाइंस के तहत उपायों का इस्तेमाल करने की प्रक्रिया में हूं।'

उन्होंने आरोप लगाया कि यह किसी बाबू की गलती नहीं बल्कि साफतौर पर राजनीतिक बदला है।

उन्होंने सवाल उठाया कि उनको स्थानांतरित मार्क और सत्यापित किसने किया और ऊंचे लेवल पर किसने प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

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शिकायत

AAP छोड़ने पर गुस्से से भर गया है पार्टी नेतृत्व- चड्ढा

चड्ढा ने आरोप लगाया कि SIR के काम में लगे एक बूथ स्तरीय कर्मचारी से लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी तक सभी पंजाब सरकार के अधीन हैं, इसलिए सरकार दबाव बनाती है।

उन्होंने लिखा, 'जब से मैंने भ्रष्ट AAP छोड़ी, तब से उसकी लीडरशिप गुस्से से भरी है। जो दूसरे सांसद AAP छोड़कर भाजपा में गए, उन्हें भी पंजाब सरकार ने निशाना बनाया। यह राजनीतिक प्रतिशोध का ताजा उदाहरण है। पंजाब की मतदाता सूची AAP सरकार की निजी संपत्ति नहीं।'

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पंजीकरण

पहले दिल्ली में पंजीकृत थे चड्ढा

चड्ढा पहले दिल्ली के मतदाता थे। उन्होंने 2022 में राज्यसभा चुनावों के समय हलफनामे में दिल्ली के राजिंदर नगर बूथ नंबर-52 पर खुद को पंजीकृत बताया था।

राज्यसभा सांसद बनने के बाद उन्होंने अपना मतदाता पंजीकरण मोहाली स्थानांतरित करवाया था। इसके बाद 1 जून, 2024 को हुए लोकसभा चुनावों में पंजाब के एसएएस नगर मोहाली में मतदान किया था।

अब SIR मसौदा सूची में उनका नाम 'स्थायी स्थानांतरित' श्रेणी में लिखा है। उनका नाम दिल्ली-पंजाब किसी सूची में नहीं है।

आयोग

पंजाब में काटे गए 20.66 लाख नाम

पंजाब में 13 अगस्त को प्रकाशित SIR के मसौदे में लगभग 20.66 लाख नाम काट दिए गए हैं, जो सूची के कुल मतदाताओं का करीब 9.7 प्रतिशत है।

पंजाब में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा 13 अगस्त से 12 सितंबर तक खुली है। राज्य की अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली है।

मामले में AAP का कहना है कि SIR का पूरा काम चुनाव आयोग के जिम्मे है, इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं।

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