लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव नोटिस दिया, स्पीकर का आया जवाब
क्या है खबर?
संसद में चल रहे बजट सत्र के दौरान पिछले कई दिनों से जारी गहमागहमी के बीच विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। सांसदों ने नियम 94(c) के तहत प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा महासचिव को सौंपा है। नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वामदल समेत अन्य पार्टियों के करीब 118 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर हैं। प्रस्ताव का तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने समर्थन किया, लेकिन अभी हस्ताक्षर से दूरी बनाई है।
नोटिस
TMC ने अविश्वास का समर्थन किया, लेकिन ये बात कही
नोटिस देने के लिए मंगलवार को कांग्रेस सांसद सुरेश कोडिकुन्निल, उपनेता गौरव गोगोई, मोहम्मद जावेद लोकसभा महासचिव के पास पहुंचे थे। TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने पार्टी का पक्ष स्पष्ट करते हुए बताया कि TMC अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में है, लेकिन विपक्ष की चिंताओं का जवाब देने के लिए स्पीकर को 2-3 दिन का समय दिया जाना चाहिए। अगर स्पीकर कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं करते, तो पार्टी को इसका समर्थन करने में कोई आपत्ति नहीं होगी।
नोटिस
क्यों लाया गया है अविश्वास प्रस्ताव?
विपक्षी सांसदों का आरोप है कि स्पीकर बिरला सदन की कार्यवाही में भेदभाव कर रहे हैं। वे सत्तापक्ष को बोलने का मौका देते हैं, जबकि विपक्ष की आवाज दबा रहे हैं। आरोप है कि स्पीकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोक रहे हैं और महिला सांसदों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने का आऱोप लगाया है। सांसदों ने 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन पर भी सवाल उठाया और मनमाने ढंग से निलंबन बताया।
निशाना
नेहरू और इंदिरा के खिलाफ बयानबाजी पर स्पीकर के रुख से नाराजगी
नोटिस में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर स्पीकर द्वारा कोई आपत्ति न जताए जाने पर भी नाराजगी जताई गई है। नोटिस में लिखा है, "4 फरवरी को भाजपा एक सांसद को दो पूर्व प्रधानमंत्रियों पर पूरी तरह से आपत्तिजनक और निजी हमले करने की इजाज़त दी गई, जबकि उन्हें स्थापित परंपराओं और मर्यादा के नियमों को तोड़ने के लिए एक बार भी डांटा नहीं गया। इस खास सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जो आदतन अपराधी हैं।"
जवाब
स्पीकर ने कहा- प्रक्रिया में तेजी लाएं
अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर स्पीकर बिरला ने जवाब देते हुए निचले सदन के सचिवालय को "नोटिस की जांच करने और प्रक्रिया में तेजी लाने" का निर्देश दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत होने के एक घंटे के भीतर बिरला ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा सचिवालय से कहा कि वह अविश्वास प्रस्ताव की जांच करने और प्रक्रिया में तेजी लाए। बता दें, मंगलवार को लोकसभा में दोपहर 2 बजे के बाद बजट पर सामान्य चर्चा हुई।
ट्विटर पोस्ट
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ नोटिस
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का विपक्ष ने लोकसभा सचिव को दिया नोटिस.... pic.twitter.com/ehf2la46OY
— Dinesh Dangi (@dineshdangi84) February 10, 2026