अखिलेश यादव ने मुस्लिम महिलाओं के लिए की आरक्षण की मांग, गृह मंत्री बोले- ये असंवैधानिक
क्या है खबर?
महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर लोकसभा में चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने मुस्लिम महिलाओं के लिए भी कोटे की मांग की। उन्होंने कहा कि उप-कोटा के बिना महिलाओं के बड़े वर्ग खासतौर पर अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाएं अपरिभाषित रह सकती हैं। अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी इस प्रस्ताव का तब तक समर्थन नहीं करेगी, जब तक OBC, पिछड़े वर्ग की महिलाओं और मुस्लिम महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं किया जाता।
बयान
अखिलेश बोले- पिछली और मुस्लिम महिलाओं को भी शामिल किया जाए
अखिलेश ने कहा, "ये लोग पिछड़े वर्ग की 33 प्रतिशत महिलाओं को उनका हक नहीं देना चाहते हैं। जब परिसीमन की बारी आई तो इन लोगों ने पूरी रणनीति बनाई, कि कैसे क्षेत्र बनाए जाएं कि इसका फायदा इन लोगों को ही मिले। इसलिए हम चहते हैं कि पहले जनगणना हो, जब आंकड़े आ जाएं तभी परिसीमन हो। इसलिए हमारी मांग है कि आधी आबादी में पिछड़ी और मुस्लिम महिलाओं को जोड़कर भी जनगणना हो।"
नारी
अखिलेश ने कहा- भाजपा ने नारी को नारा बना दिया
अखिलेश ने कहा, "समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष हैं। हमारा इतिहास रहा है कि हमने महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। आरक्षण हमारे आह्वान को और मजबूत कर रहा है। भाजपा नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है। जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा वे उसके मान सम्मान को कैसे रखेंगे। मंत्री जी ने कई योजनाओं की जानकारी दी, लेकिन हम दुनिया के आंकड़े देखें तो हम जेंडर इक्वालिटी में कहां खड़े हैं।"
गृह मंत्री
अमित शाह बोले- सपा सभी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे दे
अखिलेश के बयान पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता है। उन्होंने कहा, "मैं कहना चाहता हूं कि धर्म के आधार पर मुसलमानों को दिया जाने वाला कोई भी आरक्षण असंवैधानिक है।" वहीं, मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण दिए जाने की अखिलेश की मांग पर शाह ने कहा, "समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है।"