INDIA गठबंधन की बैठक में ममता बनर्जी को मिला समर्थन, जानिए बैठक की अंदरूनी बातें
क्या है खबर?
दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में सोमवार को हुई विपक्षी INDIA गठबंधन की बैठक में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी को बड़ा समर्थन मिला है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से अपने ही नेताओं से आलोचनाओं का सामना कर रही बनर्जी का गठबंधन के दलों ने जोरदार बचाव किया और चुनाव में भाजपा द्वारा धांधली कर सत्ता हासिल करने का आरोप लगाया। आइए बैठक की अंदरूनी बातें जानते हैं।
आरोप
बैठक में नेताओं ने भाजपा पर लगाया चुनाव में धांधली का आरोप
बैइक की चर्चाओं से परिचित नेताओं ने CNN-न्यूज18 को बताया कि बनर्जी ने गठबंधन के सहयोगियों से कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा धांधली से प्रभावित था। इसके बाद भी भाजपा शानदार जीत हासिल कर इतिहास रचे जाने का ढोल पीट रही है। इस पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तुरंत बनर्जी का समर्थन किया और कहा, "60 प्रतिशत नहीं, 100 प्रतिशत।" इस पर बैठक में मौजूद अधिकतर नेताओं ने भी सहमति जता दी।
प्रयास
सोनिया गांधी ने बनर्जी को 'शेरनी' करार दिया
TMC और कांग्रेस के बीच कड़वाहट की बातों को खत्म करने के उद्देश्य से सोनिया गांधी ने बनर्जी को 'शेरनी' करार दिया। यह बस बात का संदेश था कि विपक्षी गठबंधन TMC प्रमुख के साथ मजबूती से खड़ा है। सूत्रों के अनुसार, बनर्जी को गठबंधन सहयोगियों का पूरा समर्थन मिला और नेताओं ने तर्क दिया कि चुनावी प्रक्रियाओं के बारे में उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को राज्य-विशिष्ट शिकायत के बजाय एक सामूहिक विपक्षी अभियान में बदलने की आवश्यकता है।
संदेश
उमर अब्दुल्ला ने दिया अहम संदेश
बैठक में सबसे प्रभावशाली हस्तक्षेपों में से एक जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से आया। उन्होंने तर्क दिया कि विपक्षी दलों को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर अधिक ध्यान देने और उन्हें निरंतर राजनीतिक अभियानों में बदलने की आवश्यकता है। अब्दुल्ला ने कहा, "हमें उनके द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों से सीखने की जरूरत है। CJP को इसे यूं ही नहीं ले जाने देना चाहिए।"
शिकायत
अन्य दलों ने कांग्रेस के खिलाफ की शिकायतें
बैठक में चुनावी मुद्दों पर एकजुटता तो प्रदर्शित हुई, लेकिन सहयोगियों ने कांग्रेस के खिलाफ भी जमकर मुंह खोला। वामपंथी दलों ने कहा कि केरल चुनाव अभियान में कांग्रेस नेताओं ने उन पर भाजपा की आलोचना से मिलती-जुलती भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया। राहुल ने चिंता को स्वीकार किया, लेकिन अपने कुछ बयानों का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपनी राज्य इकाइयों के विचारों और राजनीतिक मजबूरियों पर भी विचार करना होगा।
जानकारी
क्षेत्रीय दलों ने कांग्रेस से की खास अपील
क्षेत्रीय दलों के नेताओं ने कांग्रेस से सहयोगियों के साथ व्यवहार में अधिक संयम बरतने और उन राज्यों में अनावश्यक टकराव से बचने का आग्रह किया जहां विपक्षी दल आपस में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इस तरह से गठबंधन मजबूत हो सकेगा।
एकता
एकता प्रदर्शित करने के लिए दृढ़ संकल्पित नजर आए नेता
गठबंधन के भीतर स्पष्ट तनाव के बीच बैठक हुई। DMK ने बैठक में भाग नहीं लिया, केरल में कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच तनाव अभी भी अनसुलझा रहा। हालांकि, इसके बाद भी नेता एकता प्रदर्शित करने के लिए दृढ़ संकल्पित दिखाई दिए। राहुल ने सहयोगी दलों को सुलह का संदेश देते हुए गठबंधन के भीतर प्रेम और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। कांग्रेस नेताओं ने सहयोगियों को आश्वासन दिया कि भविष्य में बेहतर समन्वय तंत्र स्थापित किए जाएंगे।
आधार
चुनावी मुद्दों को बनाया गठबंधन का सबसे बड़ा राजनीतिक आधार
बैठक में मौजूद सभी लोगों को एकजुट करने वाली बात यह थी कि चुनावी मुद्दे गठबंधन का सबसे बड़ा राजनीतिक आधार बन सकते हैं। बनर्जी के दावों, राहुल की प्रतिक्रिया और अब्दुल्ला के हस्तक्षेप को लेकर हुई चर्चा ने इस व्यापक सहमति को जन्म दिया कि विपक्ष को मतदाता सूचियों, चुनाव प्रबंधन और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दों पर अधिक आक्रामक रूप से अभियान चलाना चाहिए। इन बातों पर सभी नेता एकजुट नजर आए।