मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री मोदी पर 'बाप' वाली टिप्पणी से बड़ा विवाद, भाजपा का देशव्यापी प्रदर्शन
क्या है खबर?
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी के बाद भारतीय राजनीति का पारा गरमा गया है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे गांधी परिवार के नेतृत्व में कांग्रेस की 'गिरावट वाली मानसिकता' का प्रतीक बताया है। इस विवाद के विरोध में भाजपा ने सोमवार देश भर में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन बुलाया है।
प्रकरण
क्या है टिप्पणी का पूरा मामला?
खड़गे रविवार को पटना के बापू सभागार में राज्य के पहले मुख्यमंत्री कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों को जेल भेजा जाएगा।
इस पर भीड़ में मौजूद संतोष कुमार ने खड़े होकर कहा कि "मोदी नहीं जाएंगे। जब तक विद्रोह नहीं होगा मोदी नहीं जाएंगे।"
इस पर खड़गे ने भड़कते हुए कहा, "मोदी का बाप भी जाएगा।"
आपत्ति
भाजपा ने खड़गे के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति
खड़गे के इस बयान पर बड़ा सियासी हंगामा हो गया और भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खड़गे को आदतन अपराधी करार देते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, "पिछले 12 वर्षों से लगातार चुनाव हारने की हताशा के कारण कांग्रेस पार्टी हर दिन शालीनता की सभी सीमाओं को पार कर रही है।"
सवाल
कृषि मंत्री ने उठाया खड़गे की योग्यता पर सवाल
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खड़गे की योग्यता पर सवाल उठाते हुए कहा, "पूरी कांग्रेस पार्टी को इस बात पर आत्मचिंतन करना चाहिए कि क्या ऐसा व्यक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर रहने के योग्य है? या तो उन्हें पद से हटाना चाहिए या फिर कांग्रेस को देश इसका जवाब देना होगा।"
उन्होंने आगे कहा कि लगातार मिल रही चुनावी हार ने कांग्रेस नेताओं को इतना झकझोर दिया है कि वे 'गाली-गलौज' वाली भाषा पर उतर आए हैं।
जानकारी
भाजपा ने किया देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान
कई दूसरे केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, भाजपा सांसदों और नेताओं ने खड़गे के बयान आलोचना की है और माफी की मांग की है। इसी तरह भाजपा ने सोमवार को देश भर में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।
बचाव
खड़गे के बचाव में उतरी कांग्रेस
इस भारी विवाद के बीच कांग्रेस ने खड़गे का बचाव किया है।
कांग्रेस का दावा है कि पटना में भाषण के दौरान एक भाजपा कार्यकर्ता ने पहले खुद खड़गे के दिवंगत पिता का अपमान किया था।
इसके जवाब में खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी के 'वैचारिक पिता' यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का जिक्र किया था, न कि उनके जैविक पिता का।
हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी के समर्थक इस सफाई को पूरी तरह से झूठ करार दे रहे हैं।
बचाव
समाजवादी पार्टी ने भी किया खड़गे का बचाव
समाजवादी पार्टी (SP) के प्रवक्ता फख्रुल हसन चांद ने PTI से कहा, "खड़गे को हिंदी बोलने और समझने में कठिनाई होती है। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा बयान दिया हो, जिसके बाद स्पष्टीकरण न आया हो। मुमकिन है कि उन्होंने अनजाने में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर दिया हो जो वे नहीं कहना चाहते थे। उन्होंने किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई है और न ही किसी के पिता या परिवार पर निजी टिप्पणी की है।"
कार्रवाई
कानूनी कार्रवाई की ओर बढ़ा मामला
यह पूरा अब विवाद सिर्फ राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं रहा है।
दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी है।
इसी तरह पटना में एक FIR भी दर्ज कराई गई है।
भाजपा इसे एक चुनावी मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस को 'माफिया गैंग' कहकर संबोधित कर रही है।