क्या सुनेत्रा पवार NCP के विलय में बाधा बनेंगी? जारी किया ये आदेश
क्या है खबर?
महाराष्ट्र में अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और शरद पवार की NCP-SCP के विलय को लेकर चर्चा थम सकती ह। दरअसल, सोमवार को NCP नेतृत्व ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें विधायकों को निर्देश दिए गए हैं कि विलय को लेकर कोई बयान न दिया जाए। यह आदेश अजित पवार की पत्नी और राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के आधिकारिक आवास 'देवगिरी' से जारी किए गए हैं। सोमवार को 'देवगिरी' में NCP विधायकों की बैठक थी।
आदेश
पार्टी विधायकों ने उचित फैसला लेने को कहा
हिंदुस्तान टाइम्स ने पार्टी सूत्र के हवाले से लिखा, "नेतृत्व को फिलहाल विलय की कोई आवश्यकता नहीं दिखती। विधानसभा चुनावों से एक साल पहले, 2028 के आसपास इस मुद्दे पर फिर विचार किया जा सकता है और मौजूदा राजनीतिक माहौल को ध्यान में रखते हुए इसका आकलन किया जा सकता है।" राज्य NCP अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि बैठक में प्रस्तावित विलय पर चर्चा नहीं हुई। हालांकि, सभी विधायक चाहते हैं कि पार्टी नेतृत्व विलय पर उचित फैसला ले।
मुद्दा
NCP के कुछ विधायक विलय के समर्थन में
NCP विधायक नरहरि जिरवाल, अनिल पाटिल और हीरामन खोस्कर जैसे कई विधायकों ने दोनों NCP गुटों के विलय का समर्थन किया है। खोस्कर का कहना है कि 30-35 विधायक विलय के पक्ष में हैं। हालांकि, वे विधायकों की बैठक में नहीं उपस्थित थे। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि विधायकों की बैठक में नेतृत्व यह भी जानना चाहता था कि विधायकों का एक वर्ग विलय को लेकर मुखर क्यों हो गया है।
बैठक
सुनेत्रा को इसी महीने अगला अध्यक्ष चुनाव जाएगा
सोमवार को ही पार्टी विधायकों की बैठक में औपचारिक रूप से सुनेत्रा को NCP का अगला अध्यक्ष चुना गया है। सभी विधायकों ने कोर कमेटी में इस फैसले का हाथ उठाकर समर्थन किया है। NCP के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल का कहना है कि चुनाव 26 फरवरी को मुंबई में होंगे और सुनेत्रा के निर्विरोध चुने जाने की उम्मीद है। बता दें, 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में अजीत पवार के निधन के 21 दिन बाद यह फैसला हुआ है।