महाराष्ट्र की 5 विधान परिषद सीटों पर चुनाव, महायुति और MVA दोनों में बगावत
क्या है खबर?
महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों के लिए कल यानी 23 अक्टूबर को मतदान होगा। इन सीटों पर कुल 182 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उम्मीदवारों और सीट बंटवारे को लेकर सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महा विकास अघाडी (MVA) में भी मतभेद सामने आ रहे हैं। ऐसे में ये चुनाव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महायुति के लिए बड़ी परीक्षा बए गए हैं। साथ ही भाजपा और सहयोगी दलों के बीच भी खींचतान तेज हो गई है।
चुनाव
पहले चुनावों के बारे में जानिए
महाराष्ट्र की 78 सदस्यीय विधान परिषद में 5 सीटों- पुणे संभाग स्नातक, नागपुर संभाग स्नातक, पुणे संभाग शिक्षक, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक और अमरावती शिक्षक में चुनाव होना है।
यहां 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। संबंधित क्षेत्रों में रहने वाले पंजीकृत स्नातक और शिक्षक इन चुनावों में मतदान करने के पात्र हैं।
कुल 10,68,072 मतदाता 2,419 मतदान केंद्रों पर वोट डाल सकेंगे।
सीटें
दोनों गठबंधनों में सीट बंटवारे की स्थिति
महायुति में भाजपा ने नागपुर स्नातक, पुणे स्नातक और पुणे शिक्षक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को छत्रपति संभाजीनगर स्नातक और शिवसेना (शिंदे) को अमरावती शिक्षक सीट मिली है।
MVA में कांग्रेस नागपुर स्नातक और पुणे शिक्षक निर्वाचन सीटों पर चुनाव लड़ रही है। NCP (शरद) ने पुणे और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि शिवसेना (UBT) अमरावती शिक्षक निर्वाचन सीट के लिए मैदान में है।
नागपुर
नागपुर में भाजपा को अपने ही सहयोगियों से चुनौती
नागपुर स्नातक सीट से भाजपा ने पूर्व विधायक सुधाकर कोहले को उतारा है। इसके बाद पूर्व विधायक अनिल सोले ने बगावत कर दी और निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें मनाया तब जाकर उन्होंने नामांकन वापस लिया।
इसके बावजूद सोले ने उम्मीदवार चुनने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अब उम्मीदवारों का चयन पहले जैसा नहीं होता। पहले उम्मीदवारों का चयन लोकतांत्रिक तरीके से होता था। अब ऊपर से थोपे जाते हैं।"
अहमियत
भाजपा के लिए क्यों अहम है नागपुर सीट?
2020 में भाजपा यहां हार गई थी। तब कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने नागपुर के पूर्व महापौर और फडणवीस के करीबी संदीप जोशी को हरा दिया था। भाजपा अब ये सीट वापस चाहती है।
भाजपा के लिए ये सीट इसलिए भी अहम हैं, क्योंकि नागपुर RSS का मुख्यालय है और फडनवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर भी है।
इस सीट से पहले गडकरी और फडनवीस के पिता गंगाधरराव फडनवीस जीत चुके हैं।
महायुति में विवाद
पुणे में शिवसेना और भाजपा में विवाद
महायुति में पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर भी विवाद की स्थिति है। शिवसेना (शिंदे) ने यहां से निर्दलीय उम्मीदवार चंद्रकांत सनप का समर्थन कर दिया है, जिससे भाजपा उम्मीदवार के सामने चुनौती खड़ी हो गई है।
हालांकि, एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि महायुति सभी 5 सीटें जीतेगी।
फडणवीस ने भी सहयोगियों के बीच मतभेदों की खबरों को खारिज किया है और भरोसा जताया कि गठबंधन सभी सीटों पर जीत हासिल करेगा।
MVA
MVA में क्या है खींचतान?
विपक्षी MVA में भी खींचतान सामने आई है। अमरावती सीट पर शिवसेना (UBT) ने अपना उम्मीदवार उतार दिया है। उसने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने सहयोगियों से चर्चा किए बिना एकतरफा तरीके से अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है।
पुणे और कुछ अन्य सीटों पर भी गठबंधन के नेताओं ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है। ऐसे में MVA के लिए भी चुनौती कम नहीं रहने वाली है।