
झोपड़ी में रहने वाले इस मंत्री के लिए शपथ ग्रहण समारोह में बजीं सबसे तेज तालियां
क्या है खबर?
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पूरे मंत्रिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में हुए समारोह में शपथ ली।
वैसे तो प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल में कई बड़े नाम हैं, लेकिन शपथ ग्रहण के दौरान सबसे तेज तालियां उस व्यक्ति के लिए बजी, जिसका नाम कम ही लोगों ने सुना होगा।
ये व्यक्ति हैं ओडिशा के बालासोर से पहली बार चुनाव जीत कर आने वाले प्रताप चंद्र सारंगी।
सारंगी को उनके सादा जीवन के लिए जाना जाता है।
शपथ ग्रहण
अमित शाह ने भी बजाई सारंगी के लिए ताली
58 सदस्यों वाले मंत्रिमंडल में शपथ लेने के मामले में 64 वर्षीय सारंगी का 56वां नंबर था।
जब वह शपथ लेने के लिए मंच पर आए, तो वहां मौजूद 8,000 लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।
इस दौरान भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष और खुद कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने वाले अमित शाह भी सारंगी के लिए ताली बजाते हुए नजर आए।
बिखरे बाल और लंबी दाढ़ी में नजर आए सारंगी ने राज्य मंत्री की शपथ ली।
जानकारी
साधारण बैग लेकर दिल्ली आए सारंगी
इस दौरान सारंगी सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड हुए। कुछ दिन पहले भी सोशल मीडिया पर उनकी कुछ तस्वीरें वायरल हुईं थीं, जिनमें उन्हें दिल्ली के लिए निकलने से पहले अपने कच्चे मकान में एक साधारण बैग में अपना सामान रख रहे हैं।
साफ बयान
सारंगी ने कहा था, 'अविवाहित हूं, ब्रह्मचारी नहीं'
एक सीधे-सादे राजनेता की छवि वाले सारंगी कभी रामकृष्ण मथ के साथ जुड़ना चाहते थे और आध्यात्मिक मोक्ष प्राप्ति के लिए बेलूर मथ भी गए थे।
लेकिन उन्हें अपनी विधवा मां की सेवा के लिए वापस भेज दिया गया। इसके बाद वह समाजसेवा में जुट गए।
साफ बोलने के लिए प्रसिद्ध सारंगी से जब एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में पूछा गया था कि वह अविवाहित है या ब्रह्मचारी, उन्होंने कहा था कि वह अविवाहित हैं, ब्रह्मचारी नहीं।
चुनावी जीत
साइकिल पर प्रचार करके सबसे धनवान प्रत्याशियों को हराया
सारंगी की चुनावी जीत की कहानी भी कम रोचक नहीं है।
साइकिल पर चुनाव प्रचार करते हुए उन्होंने ओडिशा के दो सबसे धनवान प्रत्याशी, कांग्रेस के नवज्योति पटनायक और बीजू जनता दल के रविंद्र जेना को हराया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निरंजन पटनायक के बेटे नवज्योति के पास 104 करोड़ रुपये की संपत्ति है, वहीं जेना की संपत्ति की कीमत 72 करोड़ रुपये है।
जबकि सांरगी के पास 1.5 लाख रुपये चल और 15 लाख रुपये अचल संपत्ति है।
चुनाव प्रचार
बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे हैं सारंगी
चुनाव प्रचार में सारंगी ने कृषि और चिटफंड घोटाले समेत कई मुद्दे उठाए और हर घर जाकर प्रधानमंत्री मोदी के विकास के एजेंडे का प्रचार किया।
इससे पहले वह शराब बंदी, शिक्षा और अन्य मुद्दों पर स्थानीय प्रदर्शनों में शामिल होते रहे हैं।
सारंगी ओडिशा बजरंग दल के अध्यक्ष और विश्व हिंदू परिषद की राज्य इकाई के वरिष्ठ सदस्य भी रह चुके हैं।
इसका फायदा उन्हें चुनाव में मिला और नजदीकी मुकाबले में उन्होंने 12,956 वोटों से जीत दर्ज की।
राजनीतिक सफर
दो बार विधायक भी रह चुके हैं सारंगी
सांसद बनने से पहले सारंगी दो बार विधायक भी रह चुके हैं।
सबसे पहले 2004 में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर वह विधायक बने और उसके बाद 2009 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ते हुए विधानसभा पहुंचे।
उनके निदर्लीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ने का कारण भी बड़ा अजीब है।
भाजपा के अनुसार, सारंगी ने पार्टी टिकट अपने किसी बैग में रख ली थी और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते वक्त उसे खो दिया।