TMC के बागी सांसद क्षेत्रीय पार्टी NCPI में शामिल होंगे, फिर करेंगे NDA का समर्थन
क्या है खबर?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसद दिल्ली पहुंच चुके हैं। इनमें से कीर्ति आजाद और सागरिका घोष ने स्पीकर ओम बिरला के आवास पर उनसे मुलाकात की। वहीं, बागी सांसदों का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि उनके पास 22 सांसदों का समर्थन है। खबरें हैं कि बागी सांसद त्रिपुरा की श्रेत्रीय पार्टी नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन करेंगे।
बयान
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे- काकोली
काकोली घोष ने कहा, "हम 20 सांसद स्पीकर से मिले और अलग बैठने का मांग करते हुए एक पत्र दिया। हम नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी के साथ विलय कर रहे हैं। हम देश के लिए काम करेंगे और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे।" बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा, "स्पीकर के पास हस्ताक्षर सहित आवेदन दिया गया है। 20 जुलाई को लोकसभा खुलेगा। उसके बाद कौन असली तृणमूल है, इसका फैसला कोर्ट में होगा।"
बयान
काकोली घोष का दावा- अब 20 की जगह 22 सांसदों का समर्थन
दिल्ली पहुंचकर काकोली घोष ने दावा किया कि उनके साथ अब 22 सांसद हैं। पहले ये संख्या 20 थी। हालांकि, उन्होंने इन 2 नए सांसदों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। उन्होंने कहा, "हम सब राजा हैं। 2 और नेता भी हैं। मैंने पहले 20 की बात की थी, अब यह संख्या 22 हो जाएगी। जो लोग शामिल हो रहे हैं, वे हमारे नियमित संपर्क में हैं।" उनके इस बयान ने अटकलें और बढ़ा दी हैं।
कानून
क्या लागू होगा दलबदल कानून?
10वीं अनुसूची का अनुच्छेद 4 उन मामलों में अयोग्यता से सुरक्षा प्रदान करता है, जहां एक पार्टी का दूसरी पार्टी के साथ विलय हो जाता है। हालांकि, इस प्रावधान के तहत कुल सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन जरूरी है। TMC के लोकसभा में 29 सांसद हैं। दलबदल कानून से बचने के लिए दो तिहाई सांसदों को पाला बदलना होगा। यानी अगर 19 सांसद एक साथ बगावत करते हैं, तो दलबदल कानून नहीं लगेगा।
बैठक
दिल्ली में जारी बैठकों का दौर
आज TMC के बागी सांसद शताब्दी रॉय, माला रॉय, प्रसून बनर्जी और सायनी घोष भाजपा सांसद भूपेंद्र यादव के दिल्ली आवास पर पहुंचे। इस दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे भी मौजूद थे। वहीं, बीते दिन TMC के 6 बार के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हालांकि उन्होंने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि वे भी बगावत कर सकते हैं।
TMC
TMC के पास क्या हैं कानूनी विकल्प?
TMC राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने संविधान की 10वीं अनुसूची के अनुच्छेद 4 के हवाले से तर्क दिया कि सांसद-विधायक अयोग्यता से तभी बच सकते हैं, जब मूल पार्टी का दूसरी पार्टी में विलय हो। उनके अनुसार, संसद या विधानसभा में किसी अलग समूह के लिए मूल पार्टी चिन्ह पर सदस्यता को बरकरार रखते हुए काम करने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि बागियों को या तो विलय का हिस्सा बनना होगा या अयोग्यता का सामना करना पड़ेगा।