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तमिलनाडु में कांग्रेस ने DMK से गठबंधन तोड़कर TVK को दिया समर्थन, जारी किया बयान
तमिलनाडु में टूट गया DMK और कांग्रेस के बीच का गठबंधन

तमिलनाडु में कांग्रेस ने DMK से गठबंधन तोड़कर TVK को दिया समर्थन, जारी किया बयान

May 06, 2026
03:13 pm

क्या है खबर?

तमिलनाडु में कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के बीच गठबंधन आखिरकार टूट गया है। तमिलनाडु कांग्रेस के साेशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसका ऐलान कर दिया है। दअरसल, कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी अभिनेता थलापति विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को समर्थन देने का ऐलान किया है। इसके बाद DMK ने नाराजगी जताते हुए कांग्रेस को धोखेबाज करार दिया है।

बयान

तमिलनाडु कांग्रेस ने क्या जारी किया बयान?

तमिलनाडु में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) प्रभारी गिरीश चोडंकर ने एक्स पर लिखा, 'TVK अध्यक्ष विजय ने औपचारिक रूप से कांग्रेस से समर्थन मांगा था, जिसके बाद तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस विधायक दल (CLP) ने राज्य में सरकार गठन के लिए TVK को समर्थन देने का फैसला किया है।' उन्होंने आगे लिखा, 'तमिलनाडु की जनता, खासकर युवाओं ने एक स्पष्ट जनादेश दिया है, जो एक धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और जनकल्याणकारी सरकार के पक्ष में है।'

तारीफ

चोडंकर ने की कांग्रेस की तारीफ

चोडंकर ने लिखा, 'कांग्रेस भारत में धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और कल्याणकारी राजनीति की समर्थक और संस्थापक राजनीतिक दल है। तमिलनाडु की जनता के इस जनादेश का सम्मान करना, उसे कायम रखना और उसे पूरा करने में सहायता करना हमारा संवैधानिक कर्तव्य है।' उन्होंने लिखा, 'हमारा समर्थन इस शर्त पर आधारित होगा कि TVK इस गठबंधन से उन सभी सांप्रदायिक ताकतों को दूर रखेगी जो भारत के संविधान में विश्वास नहीं करती हैं।'

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उम्मीद

कांग्रेस ने TVK को समर्थन देकर जताई यह उम्मीद

चोडंकर ने लिखा, 'TVK और कांग्रेस का यह गठबंधन आने वाले वर्षों और दशकों में तमिलनाडु को पेरुंथलाइवर कामराज के गौरवशाली दिनों में वापस लाने का प्रयास करेगा। इसके साथ ही थंथाई पेरियार के सामाजिक न्याय के आदर्शों और डॉ भीमराव अंबेडकर के संवैधानिक आदर्शों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित करेगा।' उन्होंने लिखा, 'यह गठबंधन न केवल इस सरकार के गठन के लिए है, बल्कि स्थानीय निकाय संगठनों, लोकसभा और राज्यसभा के भावी चुनावों के लिए भी है।'

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हमला

DMK ने बोला कांग्रेस पर हमला

कांग्रेस के इस फैसले पर DMK ने तीखा हमला बोला है। DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा, "कांग्रेस ने TVK को अपना समर्थन दिया इसलिए हमने इसे विश्वासघात कहा। रिटर्निंग अधिकारियों के नेताओं के जीत के प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने से पहले ही कांग्रेस ने अपना रुख बदल लिया और TVK को समर्थन का ऐलान कर दिया। उनका दावा है कि वे भाजपा और RSS को दूर रखना चाहते हैं, यही वजह है कि उन्होंने यह निर्णय लिया।"

दावा

विजय ने कभी नहीं की भाजपा और RSS की खिलाफत

अन्नादुरई ने कहा, "TVK प्रमुख विजय ने कभी भी भाजपा या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ बात नहीं की। चुनाव के बाद भी TVK ने मतदाताओं या पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद नहीं दिया। उन्होंने सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया। लोग समझते हैं कि TVK की प्राथमिकताएं कहां हैं और कांग्रेस हमें बता रही है कि उन्हें BJP-RSS को दूर रखना है। कांग्रेस को अपने इस फैसले पर पछताना होगा। वह अब अस्थिर सहयोगी बन गई है।"

सफर

कैसा रहा है DMK-कांग्रेस के गठबंधन का सफर?

DMK-कांग्रेस के बीच पहली बार बड़ा चुनावी समझौता 1971 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान हुआ। उस दौरान इंदिरा गांधी ने तमिलनाडु की सभी विधानसभा सीटें DMK को छोड़ दी थीं। DMK ने इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस के साथ 1980 में फिर से हाथ मिलाया। हालांकि, यह गठबंधन विधानसभा चुनाव में सफल नहीं रहा। UPA के गठन के बाद दोनों दल साथ रहे हैं। वे 2004, 2009, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में एक साथ लड़े।

परिणाम

क्या रहे हैं तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम?

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में द्रविड़ राजनीति में रची-बसी DMK और AIADMK दोनों ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर नहीं उभर सकी। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में TVK ने 108 सीटें हासिल कीं, जबकि AIADMK को 47 सीटें मिलीं। इसी तरह DMK सिर्फ 59 सीटों तक सिमट गई और बाकी सीटें कांग्रेस और वामपंथी जैसी छोटी पार्टियों ने हथिया लीं। इस चुनाव में कांग्रेस 5 सीटें जीतने में सफल रही है।

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