अभिजीत दिपके ने 'मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद' से इस्तीफा दिया, इंफ्लुएंसर्स ने पूछे थे सवाल
क्या है खबर?
बीते कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के बालाघाट में 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत हो गई है। इस मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दिपके शनिवार को बालाघाट पहुंचे थे। हालांकि, इस दौरान उन्हें वहां मौजूद सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और स्थानीय मीडिया ने घेर लिया और तीखे सवाल किए। इस घटनाक्रम पर अब दिपके ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि वे आज ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
पत्र
दिपके बोले- बतौर मुख्यमंत्री जनता की सेवा करने में विफल रहा
दिपके ने पत्र में लिखा, "माननीय राज्यपाल महोदय, मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देता हूं। बालाघाट में 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत के बाद मेरी अंतरात्मा मुझे इस कुर्सी पर बने रहने की इजाजत नहीं देती। मुख्यमंत्री होने के नाते, मैं उन्हें समय पर जरूरी मदद न दे पाने की जिम्मेदारी लेता हूं। इनमें से कई जानें शायद बचाई जा सकती थीं और मैं उस नाकामी की जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।"
हालात
दिपके ने कहा- आदिवासी नदी का पानी पीने पर मजबूर
दिपके ने कहा, "हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हर घर नल योजना के तहत घरों में नल का पानी पहुंचाने की कामयाबी का ऐलान किया है, लेकिन बालाघाट के कुछ हिस्सों में आदिवासी परिवार अभी भी पीने के लिए नदी के पानी पर निर्भर हैं। कई गांवों में स्कूलों की हालत जानवरों के शेल्टर से भी खराब है। बालाघाट के एक गांव में आंगनवाड़ी से लेकर 5वीं तक के करीब 75 बच्चे एक ही कक्षा में पढ़ते हैं।"
दौरा
बालाघाट गए थे दिपके
बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के बाद दिपके प्रभावित इलाकों में पहुंचे थे। उन्होंने अडोरी, कोरका और बोंडारी गांव में पहुंचकर परिवारों से बात की थी।
तब दिपके ने कहा था, "हम उन परिवारों के साथ पूरी सहानुभूति रखते हैं जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए जरूर आगे आएंगे। अधिकारियों ने मौतें तो स्वीकार कर ली है, लेकिन न जिम्मेदारी तय की और न किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की है।"
इंफ्लुएंसर्स
इंफ्लुएंसर्स ने दौरे पर उठाए थे सवाल
दिपके के दौरे के दौरान स्थानीय लोगों और मीडिया ने उन पर बच्चों की मौत जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया था।
लोगों ने उनसे पूछा कि घटना के इतने दिन बाद वे अब क्यों पहुंचे और क्या उनका दौरा राजनीतिक फायदे के लिए है।
वायरल वीडियो में एक महिला दिपके के पास जाकर उनके चेहरे के सामने माइक लगाती हुई और उनसे यह पूछती हुई दिखी कि क्या वे यहां लाशों पर राजनीति करने आए हैं।