
हरियाणा में फंसा पेंच, कौन और कैसे बना सकता है सरकार, जानें संभावित समीकरण
क्या है खबर?
हरियाणा में सरकार के गठन पर पेंच फंसता नजर आ रहा है। राज्य की 90 सीटों पर किसी भी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है।
पिछले पांच साल से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी अभी 38 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस 34 सीटों पर आगे है।
दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (JJP) 10 सीटों पर आगे है।
इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) और बहुजन समाज पार्टी एक-एक सीट पर आगे हैं।
जानकारी
दुष्यंत चौटाला के पास सरकार के गठन की चाबी
अभी तक के नतीजों से साफ है कि सरकार बनाने की मुख्य लड़ाई भाजपा और कांग्रेस में है और दुष्यंत चौटाला एक किंगमेकर की भूमिका में हैं। इन परिस्थितियों में किसकी और कैसे सरकार बन सकती है, आइए ऐसी कुछ समीकरणों पर नजर डालते हैं।
पहला समीकरण
कांग्रेस और JJP में हो गठबंधन
पहला समीकरण ये है कि कांग्रेस और JJP साथ मिलकर सरकार बनाएं।
हालांकि दोनों पार्टियां मिलाकर भी बहुमत के आंकड़े 46 सीट से थोड़ा पीछे रह जाएंगी और उन्हें कुछ बाहरी उम्मीदवारों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
कांग्रेस और JJP की मिलाकर 44 सीट हो रही हैं और उन्हें अन्य विधायकों की समर्थन की जरूरत होगी।
6 निर्दलीय और कुछ अन्य छोटी पार्टियों के उम्मीदवारों की मौजूदगी से कांग्रेस-JJP को शायद ही दो विधायक जुटाने में दिक्कत हो।
दूसरा समीकरण
साथ आएं भाजपा और JJP
दूसरा समीकरण ये है कि भाजपा और JJP एक साथ आकर सरकार बना लें।
दोनों पार्टियों की संख्या कुल मिलाकर 48 होगी और उन्हें अन्य किसी पार्टी के समर्थन की जरूरत नहीं होगी।
खबरों के अनुसार, भाजपा ने अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल के जरिए दुष्यंत चौटाला से संपर्क साधने की कोशिश भी की है।
बादल और चौटाला परिवार के नजदीकी रिश्ते हैं और इसलिए भाजपा उनके जरिए संपर्क साधने की कोशिश कर रही है।
जानकारी
भाजपा या कांग्रेस से मुख्यमंत्री पद मांग सकते हैं दुष्यंत चौटाला
JJP के समर्थन से कांग्रेस या भाजपा के सरकार बनाने के इन दोनों समीकरणों में मुख्यमंत्री पद अहम हो सकता है। किंगमेकर की भूमिका में आ चुके दुष्यंत चौटाला मुख्यमंत्री बनने का ये मौका अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहेंगे।
तीसरा समीकरण
ऐसे भी सरकार बना सकती है भाजपा
तीसरा और आखिरी समीकरण ये है कि भाजपा INLD और निर्दलीय उम्मीदवारों के सहयोग से सरकार बना ले।
INLD के पास एक सीट है, जबकि कुल 6 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार हैं।
अगर भाजपा 39 या उससे अधिक सीट जीतने में कामयाब रहती है और INLD और सारे निर्दलीय उम्मीदवार उसे समर्थन देते हैं तो वह सरकार बना सकती है।
हालांकि ऐसा होगा, इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है।