असम के मुख्यमंंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को गुवाहाटी हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया, जानिए मामला
क्या है खबर?
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बार-बार नफरत भरे भाषण देने के मामले में नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार और न्यायमूर्ति अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने यह नोटिस सरमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली याचिकाओं के एक समूह पर जारी किया है। कोर्ट ने सरमा के साथ केंद्र और असम सरकार से जवाब मांगने से पहले मामले की विस्तारपूर्वक सुनवाई की है।
सुनवाई
भाषणों में दिखती है विभाजनकारी प्रवृत्ति
बार एंड बेंच के मुताबिक, कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एक बिंदु पर टिप्पणी की कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उद्धृत सरमा के भाषणों में "विभाजनकारी प्रवृत्ति" दिखाई देती है। बता दें कि सरमा के खिलाफ कांग्रेस, असमिया विद्वान हिरन गोहेन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन उसने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था और याचिकाकर्ताओं को हाई कोर्ट जाने को कहा था। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में तय की गई है।
आरोप
सरमा पर क्या है आरोप?
कोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने बताया कि 27 जनवरी को सरमा ने एक सार्वजनिक भाषण में कहा कि "चार से पांच लाख मियां मतदाताओं को मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा और हेमंत बिस्वा सरमा और भाजपा सीधेतौर पर मियां समुदाय के खिलाफ हैं।" इसके बाद 7 फरवरी को, भाजपा की असम इकाई ने एक वीडियो साझा किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री सरमा को 2 मुस्लिम पुरुषों की छवि पर गोली चलाते हुए दिखाया गया। वीडियो में लिखा था, "कोई दया नहीं।"