
कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद जम्मू-कश्मीर में अपनी पार्टी बना सकते हैं गुलाम नबी आजाद
क्या है खबर?
वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने राहुल गांधी पर करारे प्रहार करते हुए शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
आजाद पिछले काफी समय से कांग्रेस से नाराज चल रहे थे कयास लगाए जा रहे थे कि वो पार्टी छोड़ सकते हैं।
अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि आजाद नई पार्टी का गठन कर सकते हैं। वो जम्मू-कश्मीर में अपनी पार्टी लॉन्च करेंगे और वहीं चुनाव लड़ सकते हैं।
बयान
जम्मू-कश्मीर में बनाउंगा पार्टी- आजाद
इंडिया टुडे से बात करते हुए आजाद ने कहा वो जम्मू-कश्मीर में नई पार्टी का गठन करेंगे।
भाजपा में शामिल होने के कयासों का खंडन करते हुए आजाद ने कहा, "मैं जम्मू-कश्मीर जाउंगा और राज्य में अपनी पार्टी बनाउंगा। राष्ट्रीय स्तर पर संभावनाएं बाद में तलाशी जाएंगी।"
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में इस साल विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में ये पहले विधानसभा चुनाव होंगे।
जानकारी
जम्मू-कश्मीर में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं आजाद
आजाद के करीबी लोगों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले आजाद जम्मू-कश्मीर में अपने पैर मजबूत करना चाहते हैं। बता दें कि गुलाम नबी आजाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
अगर जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में आजाद की पार्टी अकेले दम पर चुनाव लड़कर कुछ सीटें जीतने में सफल रहती है तो वह चुनाव के बाद किंगमेकर की भूमिका में आ सकते हैं। कयास हैं कि भाजपा भी उनसे हाथ मिला सकती है।
जानकारी
इस्तीफा पत्र में क्या कहा?
सोनिया गांधी को भेजे अपने इस्तीफा पत्र में आजाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
कांग्रेस में अपने सफर की जानकारी देते हुए आजाद ने लिखा कि 2013 में जब राहुल को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया, तब से उन्होंने पार्टी में बातचीत का पूरा खाका नष्ट कर दिया। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को साइडलाइन कर दिया और बिना अनुभव वाले नेता पार्टी के मामले देखने लगे। अब उनके निजी सहायक और सुरक्षाकर्मी फैसला ले रहे हैं।
इस्तीफा पत्र
आजाद बोले- पार्टी चलाने के लिए हो रही कठपुतली की तलाश
आजाद ने लिखा कि 2014 के बाद से पार्टी दो लोकसभा चुनाव और 49 में से 39 विधानसभा चुनाव हार चुकी है। 2019 लोकसभा चुनाव के बाद से पार्टी की स्थिति और खराब हुई है। पिछले आठ सालों से पार्टी में गंभीर नेतृत्व की कमी है।
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी अब इस हाल में पहुंच गई है कि वहां से वापस नहीं लौट सकती। अब पार्टी चलाने के लिए कठपुतली की तलाश हो रही है।
न्यूजबाइट्स प्लस (जानकारी)
G-23 समूह का हिस्सा थे आजाद
आजाद कांग्रेस के 'G-23' समूह के प्रमुख सदस्य थे। इस समूह ने अगस्त, 2020 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में बड़े बदलावों की मांग की थी। आजाद समेत कुल 23 नेता इस समूह में शामिल थे और ये कई मौकों पर कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की आवाज उठा चुके हैं।
आजाद को पिछले हफ्ते जम्मू-कश्मीर कांग्रेस की प्रचार समिति का प्रमुख नियुक्त किया गया था, लेकिन अगले ही दिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया।