
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का दावा, UPA सरकार के कार्यकाल में हुईं कई सर्जिकल स्ट्राइक
क्या है खबर?
देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दावा किया है कि उनके कार्यकाल के दौरान भी भारतीय सेना ने कई सर्जिकल स्ट्राइक की थी, लेकिन उन्होंने कभी भी उन्हें वोट हासिल करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया।
मनमोहन 2004-2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे और उन्होंने कांग्रेस के प्रतिनिधित्व वाली UPA सरकार का नेतृत्व किया था।
उन पर अक्सर अपने कार्यकाल के दौरान आतंकवाद पर नरम रवैया अपनाने का आरोप लगता है।
पुलवामा हमला
मनमोहन ने कहा, पुलवामा हमला बड़ी खुफिया नाकामी
अंग्रेजी अखबार 'हिंदुस्तान टाइम्स' को दिए इंटरव्यू में मनमोहन सिंह ने यह दावा किया है।
जब उनसे नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद पर सबसे सख्त प्रधानमंत्री होने के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "पुलवामा में हमारे 40 जवान शहीद हुए। यह एक बड़ी खुफिया और सुरक्षा असफलता थी। CRPF और BSF ने जवानों को एयरलिफ्ट करने का अनुरोध किया था, लेकिन मोदी सरकार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।"
डाटा
पठानकोट हमले की जांच के लिए ISI को बुलाने पर खड़े किए सवाल
मनमोहन ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर मोदी सरकार की कमियों पर हमला करते हुए कहा, "पठानकोट एयरबेस आतंकी हमले की जांच के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को बुलाना मोदी सरकार की सबसे बड़ी रणनीतिक चूक थी। इससे हमारे सुरक्षा बल हतोत्साहित हुए।"
आरोप
'सेना के पीछे छुप रही सरकार'
इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि सेना को हमेशा से ही हर खतरे से निपटने के लिए पूरी छूट दी जाती रही है।
उन्होंने बताया, "हमारे कार्यकाल में भी कई सर्जिकल स्ट्राइक हुईं। हमारे लिए सैन्य ऑपरेशन भारत विरोधी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देने के बारे में थे, न कि वोट पाने का एक अभ्यास।"
उन्होंने कहा कि पिछले 70 सालों में कभी भी सरकार को सेना की बहादुरी के पीछे नहीं छुपना पड़ा और उनका राजनीतिकरण शर्मनाक है।
राहुल गांधी
राहुल गांधी भी कर चुके हैं समान दावा
बता दें दि मनमोहन सिंह से पहले भी कांग्रेस और UPA के कई नेता अपने कार्यकाल में सर्जिकल स्ट्राइक होने का दावा कर चुके हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी पिछले साल UPA सरकार के कार्यकाल में 3 सर्जिकल स्ट्राइक करने का दावा किया था।
1 दिसंबर 2018 को राजस्थान के उदयपुर में उन्होंने कहा था, "केवल मोदी ने ही पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की। मनमोहन सिंह के राज में भी 3 सर्जिकल स्ट्राइक हुईं।"
डाटा
सेना ने कहा, इसलिए गुप्त रखी जानकारी- राहुल
राहुल ने कहा था कि सेना ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अपने अभियान को गुप्त रखने की अपील की थी, इसलिए तत्कालीन सरकार ने इनके बारे में किसी को नहीं बताया। राहुल ने कहा कि हमने वहीं किया जो सेना ने हमसे करने का कहा।
अन्य दावा
चंद्रशेखर राव ने किया था 11 सर्जिकल स्ट्राइक का दावा
UPA सरकार में मंत्री रहे और अब तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने दावा किया था कि मनमोहन सरकार के कार्यकाल में भारत ने 11 सर्जिकल स्ट्राइक की थी।
उन्होंने कहा था, "जब मैं UPA में कैबिनेट मंत्री था तब 11 सर्जिकल स्ट्राइक हुई, लेकिन इसके बारे में हमने कभी बात नहीं की। ये रणनीतिक हमले होते हैं जो उनकी और हमारी तरफ से होते हैं। सीमा पर यह चलता रहता है।"
UPA सरकार में सर्जिकल स्ट्राइक
सेना के अधिकारी ने किया था कांग्रेस के दावे का खारिज
वहीं, 2012 से 2014 तक भारतीय सेना के DGMO रहे लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया ने कांग्रेस राज में कोई भी सर्जिकल स्ट्राइक होने के दावे को खारिज किया था।
उरी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के उनकी सरकार में भी ऐसी स्ट्राइक होने के दावे पर उन्होंने कहा था, "सर्जिकल स्ट्राइक और तब के ऑपरेशन की तुलना भी नहीं की जा सकती। वो स्ट्राइक भी नहीं थीं, बल्कि महज सीमा पार किए गए कुछ स्थानीय ऑपरेशन थे।"