दिग्विजय सिंह ने RSS-भाजपा की प्रशंसा पर दिया स्पष्टीकरण, कहा- कुछ सीखने की जरूर नहीं
क्या है खबर?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की संगठनात्मक मजबूती की प्रशंसा करने के बाद खड़े हुए विवाद के बीच अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को नाथूराम गोडसे जैसे हत्यारे के समर्थकों से कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उन्होंने अपने उस रुख को बरकरार रखा, जिसमें उन्होंने हर संगठन को मजबूत करने की जरूरत बताई थी। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा।
स्पष्टीकरण
दिग्विजय ने क्या दिया बयान?
दिग्विजय ने कहा, "जो कुछ मैं कहना चाहता था, कह चुका हूं। कृपया एक बात समझ लें कि मैं 50 वर्षों से कांग्रेस पार्टी में हूं और मैंने विधानसभा, संसद और संगठन में इन सांप्रदायिक ताकतों से लड़ाई लड़ी है। मैंने हमेशा भाजपा-RSS की विचारधारा का विरोध किया है और मैं उनके खिलाफ लड़ता रहूंगा।" उन्होंने कहा, "कांग्रेस को (नथुराम) गोडसे जैसे हत्यारों से कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है। हालांकि, हर संगठन को सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता होती है।"
विवाद
दिग्विजय के बयान पर दो खेमों में बंटी कांग्रेस
दिग्विजय का स्पष्टीकरण ऐसे समय आया जब RSS-भाजपा की प्रशंसा पर कई कांग्रेस नेता बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने RSS को नाथूराम गोडसे से जोड़ते हुए कहा, "RSS से सीखने को कुछ नहीं है। गोडसे के लिए मशहूर संगठन गांधी द्वारा स्थापित संगठन को क्या सिखा सकता है?" हालांकि, तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने दिग्विजय सिंह के समर्थन में बोलते हुए कहा कि पार्टी के भीतर अनुशासन होना बहुत ही महत्वपूर्ण है।
बयान
थरूर ने दिग्विजय के बयान पर क्या कहा?
थरूर ने कहा, "कांग्रेस को अपने अतीत से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। हमारा 140 साल का इतिहास है और हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं। हम खुद से भी बहुत कुछ सीख सकते हैं। किसी भी पार्टी में अनुशासन बहुत जरूरी है। मैं भी चाहता हूं कि हमारा संगठन मजबूत हो। हमारे संगठन में अनुशासन होना चाहिए। दिग्विजय सिंह खुद इसका उदाहरण हैं।" इसी तरह अन्य कांग्रेस नेताओं ने दिग्विजय के बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है।
पोस्ट
दिग्विजय ने RSS-भाजपा पर क्या की थी पोस्ट?
दिग्विजय ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 1995 की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के पास जमीन पर बैठे हैं। उन्होंने तस्वीर के साथ लिखा था, 'यह चित्र बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार RSS का जमीनी स्वयंसेवक और जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर पहले प्रदेश का मुख्यमंत्री और फिर बाद में देश का प्रधानमंत्री बना। यह संघटन की शक्ति है। जय सिया राम।'
प्रतिक्रिया
दिग्विजय की पोस्ट पर भाजपा ने दी प्रतिक्रिया
दिग्विजय की पोस्ट पर भाजपा ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। पार्टी प्रवक्ता सीआर केशवन ने एक्स पर लिखा, 'क्या राहुल गांधी साहस दिखाएंगे और दिग्विजय सिंह के ट्वीट द्वारा उजागर किए गए उस चौंकाने वाले सत्य बम पर प्रतिक्रिया देंगे, जिसने पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है कि कांग्रेस का पहला परिवार किस तरह निर्दयतापूर्वक तानाशाही तरीके से पार्टी चलाता है और यह कांग्रेस नेतृत्व कितना निरंकुश और अलोकतांत्रिक है?'