LOADING...
SIR की वजह से हारीं ममता? 32 लाख वोटों ने कैसे पलटे 126 सीटों के नतीजे?
पश्चिम बंगाल में TMC की हार में SIR की कितनी भूमिका रही?

SIR की वजह से हारीं ममता? 32 लाख वोटों ने कैसे पलटे 126 सीटों के नतीजे?

लेखन आबिद खान
May 05, 2026
12:36 pm

क्या है खबर?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है। भाजपा ने 206 सीटें जीतकर 15 साल के TMC शासन को खत्म कर दिया है। नतीजों के बाद एंटी इनकम्बेंसी और भाजपा के चुनावी प्रबंधन समेत तमाम वजहों की चर्चा हो रही है। हालांकि, आंकड़े इशारा कर रहे हैं कि चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने भी ममता की हार में भूमिका निभाई है। कैसे, आइए समझते हैं।

वोट शेयर

सबसे पहले दोनों पार्टियों को मिला वोट शेयर जानिए

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा को 45.84 प्रतिशत और TMC को 40.80 प्रतिशत वोट मिले हैं। यानी भाजपा केवल 4 प्रतिशत अंक आगे है। वोटों के लिहाज से देखा जाए तो भाजपा को करीब 2.92 करोड़ और TMC को 2.60 करोड़ वोट मिले हैं। यानी वोटों में अंतर करीब 32 लाख का है। सीटों की बात करें तो भाजपा को 206 सीटें मिली हैं और TMC को 80। यानी 126 का अंतर।

SIR

SIR में कटे थे 91 लाख लोगों के नाम

पश्चिम बंगाल में SIR के बाद मतदाता सूची से 91 लाख नाम हटाए गए थे। पहले चरण में 64 लाख और फिर तार्किक विसंगति के नाम पर 27 लाख। इसके बाद कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 6.75 करोड़ रह गई थी। इनमें लगभग 27 लाख लोग ऐसे हैं, जिनके मामले अभी भी न्यायाधिकरणों में लंबित हैं। इन लोगों ने पहले मतदान किया था, लेकिन इस चुनावों में इन्हें वोट डालने की अनुमति नहीं दी गई।

Advertisement

फायदा

भाजपा को कैसे हुआ फायदा?

NDTV के मुताबिक, जिन सीटों पर 5,000 से कम वोट डिलीट हुए हैं, वहां की 13 में से 12 सीटें भाजपा ने जीती हैं। इसी तरह जहां 5,000 से 15,000 वोट कटे हैं, वहां की 64 में से भाजपा ने 46, जहां 15,000 से 25,000 वोट कटे हैं, वहां की 69 में से भाजपा ने 44 और जहां 25,000 से ज्यादा वोट कटे हैं, वहां की 147 में से 88 सीटें भाजपा ने जीती हैं।

Advertisement

विशेषज्ञ

क्या कह रहे हैं जानकार?

दैनिक भास्कर से बात करते हुए राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष वार्ष्णेय ने कहा, "भाजपा की जीत में एक भूमिका SIR से मुस्लिम मतदाताओं की घटी संख्या भी है। यह केवल व्यावहारिक राजनीति का मामला नहीं है, बल्कि दुनिया में लोकतंत्र पर होने वाली बहसों का हिस्सा बनने वाला है।" द हिंदू के मुताबिक हटाए गए नामों में 57.47 लाख हिंदू (63 प्रतिशत) और 31.1 लाख मुस्लिम (34 प्रतिशत) हैं। 2011 की जनगणना के मुताबिक, राज्य में मुस्लिम आबादी 27 प्रतिशत है।

Advertisement