अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाई कोर्ट का नोटिस, जज की वीडियो प्रसारित करने का मामला
क्या है खबर?
दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की अदालती बहस की वीडियो प्रसारित करने के मामले में सुनवाई की। उसने फेसबुक, गूगल और एक्स सहित सोशल मीडिया मध्यस्थों और सर्च इंजनों को आदेश दिया कि वे शराबी नीति मामले की सुनवाई में जज और केजरीवाल की बहस की सभी वीडियो को हटा दें। मामले में कोर्ट ने केजरीवाल समेत कई लोगों को अवमानना की मांग वाली याचिका पर नोटिस भी जारी किया है।
नोटिस
केजरीवाल समेत अन्य के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग
न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोरा की खंडपीठ ने यह आदेश एक जनहित याचिका पर पारित किया। याचिका में केजरीवाल, पार्टी के अन्य नेताओं और पत्रकार रविश कुमार के खिलाफ वीडियो को अनाधिकृत रूप से रिकॉर्ड करने और उनको प्रसारित करने के लिए अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है। मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की गई है।
विवाद
क्या है वीडियो का मामला?
आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल 13 अप्रैल को हाई कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए थे और शराब नीति मामले में न्यायमूर्ति शर्मा को हटाने की मांग वाली अपनी याचिका पर बहस की थी। इस दौरान केजरीवाल ने कहा था कि न्यायमूर्ति शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं, ऐसे में उन्हें आशंका है कि क्या उन्हें न्याय मिलेगा? यह वीडियो काफी शेयर किया गया था।