दिल्ली दंगों के मामले में नहीं दर्ज होगी कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR, याचिका खारिज
क्या है खबर?
दिल्ली दंगों के मामले में भाजपा विधायक और दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा को राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्वनी पंवार ने यह आदेश यमुना विहार निवासी मोहम्मद इलियास द्वारा CrPC की धारा 156(3) (BNS की धारा 175(3)) के तहत दायर याचिका पर दिया है।
आरोप
याचिका में क्या था आरोप?
इलियास ने जिन धाराओं के तहत याचिका दायर की थी, वह धारा मजिस्ट्रेट को संज्ञेय अपराधों में FIR दर्ज करने का आदेश देने का अधिकार देती है। इल्यास ने याचिका में दावा किया कि उन्होंने मिश्रा और अन्य लोगों को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करदमपुरी में सड़क अवरुद्ध करते और दंगों के दौरान विक्रेताओं के ठेले तोड़ते देखा था। उन्होंने यह भी कहा कि तत्कालीन दिल्ली पुलिस के उपायुक्त कपिल मिश्रा के बगल में खड़े थे।
जांच
कपिल मिश्रा की भूमिका की जांच के आदेश दे चुका है अदालत
बार एंड बेंच के मुताबिक, एक मजिस्ट्रेट अदालत इससे पहले दिल्ली पुलिस को 2020 के दंगों के मामले में मिश्रा की कथित भूमिका की जांच करने का निर्देश दे चुका है। हालांकि, सत्र न्यायालय ने उस निर्देश को रद्द कर दिया था। इससे पहले, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने दिल्ली दंगों के पीछे कथित साजिश की दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए थे।