उत्तर प्रदेश चुनाव: कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को 174 सीटों की सूची सौंपी, 4 श्रेणी बनाई
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने तैयारी शुरू कर दी है। उसने समाजवादी पार्टी (SP) को 172 विधानसभा सीटों की सूची सौंपी है। न्यूज18 के मुताबिक, दोनों पार्टियां सीटों के बंटवारे पर काम कर रही हैं। अभी कांग्रेस ने अपनी पसंद के आधार पर सीटों को 4 श्रेणी में बांटा है। हर पार्टी कितनी सीट मिलेंगी, यह आगे की बातचीत के बाद तय होगा। फिलहाल, दोनों पार्टियां त्याग करने को तैयार हैं।
बैठक
SP के साथ शुरूआती बैठक के बाद तय की गई सीटें
रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस ने जो सीटें SP को सौंपी हैं, वह उसके साथ शुरुआती बातचीत और प्रियंका गांधी वाड्रा की अध्यक्षता में हुई 3 अंदरूनी बैठक के बाद सौंपी गई। यह बैठक हाल में हुई थी।
बैठक में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद और राज्य प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम शामिल थे।
समाजवादी पार्टी की ओर से बैठक में कौन थे, अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है।
समीकरण
कांग्रेस की 4 श्रेणी का समीकरण क्या है?
कांग्रेस ने सीटों पर चर्चा के लिए एक ग्रेडेड तरीका अपनाया है, जिसमें 4 श्रेणी हैं। श्रेणी 'A' सीटों पर कांग्रेस की स्थिति लगभग फाइनल है और समझौते पर गुंजाइश कम है।
श्रेणी 'B' में जो सीटें शामिल हैं, उसमें कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। श्रेणी 'C' और 'D' की सीटों पर कांग्रेस बातचीत के लिए ज़्यादा तैयार है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस संख्या पर जोर नहीं दे रही बल्कि गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सा चाहती है।
बैठक
कांग्रेस और SP की बनेगी संयुक्त समिति
रिपोर्ट के मुताबिक, अभी कांग्रेस ने अपनी प्रारंभिक सूची सौंपी है। यह अंतिम नहीं है। किसी भी समझौते पर पहुंचने से पहले दोनों पार्टियों के बीच अभी कई और राउंड की चर्चा हो सकती है।
बताया जा रहा है कि सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों पार्टियों की ओर से वरिष्ठ नेताओं की एक संयुक्त समिति बनाई जाएगी, जो चर्चा को आगे बढ़ाएंगे।
दोनों पार्टियां 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद से काफी उत्साहित हैं।
नतीजा
2024 में दोनों पार्टियों के गठबंधन से हुआ था फायदा
लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश सबसे अधिक सांसद देने वाला राज्य है। यहां 80 सीटों में से दोनों पार्टियों ने गठबंधन करके 43 सीट जीती थी।
समाजवादी पार्टी ने कुल 62 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और 37 सीटें जीती थीं। कांग्रेस ने 17 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और 6 सीटें जीती थी।
इस प्रयास से दोनों पार्टियों ने भाजपा को बहुमत से दूर कर दिया था। इस बार भी दोनों पार्टियां इससे बेहतर नतीजें चाहती हैं।