
थरूर का कविता के जरिए बजट पर तंज, बोले- बालों से पैरों तक कंगले हो गए
क्या है खबर?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर अपनी भारी-भरकम अंग्रेजी को लेकर चर्चा में रहते हैं, लेकिन बुधवार को उन्होंने हिंदी में कविता सुनाई तो लोग सुनते रह गए।
दरअसल, संसद में बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान केरल के तिरुवनन्तपुरम से सांसद थरूर ने बजट को लेकर केंद्र सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को घेरा।
उन्होंने सुनाया, "कर्ज के बोझ से आदमी तर-तर हो गया, महंगा हो गया खाना-पीना, महंगा घर हो गया।"
भाषण
कविता पर साथी सांसदों ने दी दाद
थरूर ने सुनाया, "मंत्रीजी के बजट की खामी चलिए हम बतलाते हैं, सिर से करके शुरू, चलो पैरों तक जाते हैं। कुछ चुनिंदा यारों के बड़े बंगले हो गए, बालों से पैरों तक आते हम कंगले हो गए। माना आप डाई नहीं करते पर कई तो करते हैं, इतनी महंगी हो गई डाई कि लगाने से डरते हैं।"
थरूर जब कविता सुना रहे थे तो साथी सांसद अपनी दाद देते नजर आए।
ट्विटर पोस्ट
सुनिए, शशि थरूर की कविता
कर्ज के बोझ से आम आदमी तर-तर हो गया
— Congress (@INCIndia) February 7, 2024
महंगा हो गया खाना-पीना, महंगा घर हो गया
मंत्री जी के बजट की खामी चलिए हम बतलाते हैं
सिर से करके शुरू, चलो पैरों तक जाते हैं
कुछ चुनिंदा यारों के बड़े बंगले हो गए
बालों से पैरों तक आते हम कंगले हो गए
माना आप डाई नहीं करते पर कई तो करते हैं… pic.twitter.com/4KRA34o4Gy