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चंडीगढ़ नगर निगम में AAP-कांग्रेस में झगड़े का भाजपा को फायदा, मेयर चुनाव जीता
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भाजपा का मेयर

चंडीगढ़ नगर निगम में AAP-कांग्रेस में झगड़े का भाजपा को फायदा, मेयर चुनाव जीता

लेखन गजेंद्र
Jan 29, 2026
12:05 pm

क्या है खबर?

चंडीगढ़ के नगर निगम मेयर चुनाव में गुरुवार को आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच झगड़े का फायदा भाजपा को मिला और उसने बहुमत से अपना मेयर बना लिया। चुनाव में भाजपा के मेयर उम्मीदवार सौरभ जोशी को कुल 18 वोट मिले, जबकि कांग्रेस और AAP ने अपने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे थे, जिनके बीच वोट बंट गए। इस बार चुनाव गोपनीय बैलेट पेपर की जगह खुला मतदान हुआ था, जिसमें पार्षदों ने हाथ खड़ा करके अपना वोट डाला।

मतदान

कैसे जीता भाजपा का उम्मीदवार?

चंडीगढ़ निगम में 35 पार्षद और एक संसद का वोट है, जिसमें भाजपा के पास 16 पार्षद, कांग्रेस के पास 7 और AAP के पास 13 पार्षदों के वोट हैं। गुरुवार को कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में कुल 7 वोट पड़े, जिसमें चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने कांग्रेस प्रत्याशी गुरप्रीत सिंह गाबी को वोट किया, जबकि AAP उम्मीदवार योगेश ढींगरा को 11 वोट मिले। AAP पार्टी के 2 पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग करके भाजपा के सौरभ उम्मीदवार को जीताया।

चुनाव

कांग्रेस औऱ AAP ने अंतिम समय तक वापस नहीं लिया नामांकन

मेयर चुनाव के लिए कांग्रेस, भाजपा और AAP ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे थे। मतदान से पहले चुनाव अधिकारी ने उम्मीदवारों से नामांकन वापस लेने के बारे में पूछा था। तब कांग्रेस और AAP, दोनों में किसी पार्टी ने अपने उम्मीदवार वापस नहीं लिए, जिससे उनके वोट बंट गए और भाजपा को फायदा हुआ। पूरी मतदान प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पिछले चुनावों में कांग्रेस ने AAP उम्मीदवार को समर्थन दिया, लेकिन इस बार AAP ने समर्थन नहीं किया।

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ट्विटर पोस्ट

चंडीगढ़ नगर निगम में भाजपा का मेयर

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चुनाव

वरिष्ठ उपमेयर और उपमेयर की सीट पर भी भाजपा का कब्जा

मेयर के साथ-साथ चंडीगढ़ वरिष्ठ उपमेयर और उपमेयर की सीट पर भी भाजपा ने जीत दर्ज की है। भाजपा की उपमेयर की उम्मीदवार सुमन शर्मा ने AAP उम्मीदवार जसविंदर कौर को हराया। सुमन को 18, जबकि जसविंदर को 11 वोट मिले। कांग्रेस ने चुनाव से वॉकआउट कर दिया, जिससे भाजपा को फायदा हो गया। भाजपा के जसमनप्रीत वरिष्ठ उपमेयर बने हैं। उनको 18 वोट मिले, जबकि AAP उम्मीदवार को 11 वोट मिले।

फायदा

कांग्रेस-AAP के टकराव से मिल रहा भाजपा को फायदा

चंडीगढ़ में भाजपा को बहुमत नहीं, जबकि कांग्रेस और AAP गठबंधन से मेयर की सीट जीत सकते हैं। लेकिन आपसी तालमेल न होने से यह सीट भाजपा को जा रही है। जनवरी, 2024 में भाजपा ने गड़बड़ी से जीतने की कोशिश की और कम वोट होने के बावजूद अपना मेयर बना दिया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा की जीत अवैध मानी और AAP को जीता घोषित किया था। जनवरी 2025 में कांग्रेस-AAP झगड़े के कारण अपना मेयर बना लिया।

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