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क्या राघव चड्ढा से राज्यसभा सांसद पद छीन सकती है AAP, क्या कहते हैं नियम?
AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया है

क्या राघव चड्ढा से राज्यसभा सांसद पद छीन सकती है AAP, क्या कहते हैं नियम?

लेखन आबिद खान
Apr 04, 2026
05:52 pm

क्या है खबर?

आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को संसद में उपनेता के पद से हटा दिया है। उनकी जगह अशोक मित्तल को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने संसद सचिवालय से ये भी कहा है कि चड्ढा को पार्टी के समय में से सदन में बोलने नहीं दिया जाए। इस घटनाक्रम के बाद AAP और चड्ढा में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं कि क्या पार्टी राज्यसभा सांसद को हटा सकती है।

AAP

AAP ने चड्ढा को क्यों हटाया?

AAP ने कहा कि यह कदम किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई के बजाय नियमित पुनर्गठन का हिस्सा है। मित्तल ने कहा कि पार्टी अलग-अलग नेताओं को मौके देने में भरोसा रखती है। हालांकि, AAP नेता अनुराग ढांडा ने कहा, 'निडरता पहचान है हमारी। कोई नरेंद्र मोदी से डर जाए तो लड़ेगा क्या देश के लिए? संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का।'

राघव का बयान

चड्ढा ने पूछा- मैंने क्या गलत किया?

घटनाक्रम पर चड्ढा ने कहा, "मुझे जब-जब संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं। शायद ऐसे मुद्दे उठाता हूं, जिन्हें आमतौर पर कोई नहीं उठाता। क्या जनता के मुद्दे उठाना, जनता की समस्याओं पर बात करना कोई अपराध है? जिन लोगों ने आज मेरा बोलने का अधिकार छीन है, मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि मेरी खामोशी को हार मत समझ लेना। मैं वह दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बनाता है।"

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कार्रवाई

क्या पार्टी राज्यसभा सांसद को हटा सकती है?

राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं। यानी इन्हें जनता नहीं, बल्कि विधायक चुनते हैं। वोटिंग के वक्त हर विधायक को एक सूची दी जाती है, जिसमें उसे प्रत्याशियों के लिए पहली, दूसरी और तीसरी वरीयता लिखनी होती है। एक बार राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद सदस्यता संविधान के तहत संरक्षित होती है और पार्टी पर निर्भर नहीं करती। यानी पार्टी असहमति या संबंध खराब होने पर अपने सांसद को संसद से नहीं हटा सकती।

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AAP

AAP के कदम के बाद चड्ढा की भूमिका कितनी बदलेगी?

AAP ने चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया है। इस भूमिका में वे सदन में पार्टी की आधिकारिक आवाज थे। उन्हें पार्टी को मिलने वाली समय में प्राथमिकता दी जाती थी। अब मुद्दों पर पार्टी का आधिकारिक रुख संसद में रखने में चड्ढा की भूमिका कम हो जाएगी। हालांकि, वे राज्यसभा के सदस्य बने रहेंगे और पार्टी के इस फैसले से उनके कार्यकाल पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सदस्यता

कब जाती है संसद सदस्य की सदस्यता?

किसी सांसद की सदस्यता केवल सीमित परिस्थितियों में ही खत्म हो सकती है। आमतौर पर अगर सदस्य खुद ही इस्तीफा दे दे, या पार्टी के व्हिप का उल्लंघन करें या दलबदल विरोधी कानून के तहत सदस्यता छोड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाए। बता दें कि राज्यसभा स्थायी सदन है। इसके सांसदों का कार्यकाल 6 महीने का होता है और हर 2 साल में एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं।

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