महाराष्ट्र निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस का गठबंधन? मामला सामने आने के बाद घमासान
क्या है खबर?
महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में एक दिलचस्प मामला सामने आया है। ठाणे के अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने कांग्रेस से ही गठबंंधन कर लिया है। कथित तौर पर शिवसेना (शिंदे गुट) को सत्ता से दूर रखने के लिए भाजपा ने कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया है। ये खबर सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। दोनों पार्टियों की सफाई आई है।
मामला
क्या है मामला?
दरअसल, 59 सीटों वाली अंबरनाथ नगर परिषद चुनावों में शिवसेना (शिंदे) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। शिवसेना को 23, भाजपा को 16, कांग्रेस को 12 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP अजित पवार गुट) को 4 सीटें मिली थीं। इसके बाद शिवसेना (शिंदे) का परिषद अध्यक्ष बनना तया था, लेकिन भाजपा ने एक अप्रत्याशित गठबंधन बनाकर नगर परिषद अध्यक्ष पद हासिल कर लिया। भाजपा ने शिवसेना को छोड़कर बाकी पार्टियों के साथ गठबंधन बनाया और 32 सीटें हासिल कर लीं।
कांग्रेस
कांग्रेस ने गठबंधन करने वाले सभी पार्षदों को निकाला
मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा के साथ गठबंधन करने वाले अपने 12 पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया है। ब्लॉक कांग्रेस कार्यकारिणी भी बर्खास्त कर दी गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि किसी भी स्तर पर भाजपा के साथ गठबंधन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इससे पहले कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा था कि अलग-अलग पार्टियां शिवसेना के 'भ्रष्टाचार' के खिलाफ साथ आई हैं।
बयान
मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- भाजपा नेताओं पर सख्त कार्रवाई होगी
विवाद पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और AIMIM के साथ गठबंधन किया है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "भाजपा कभी भी कांग्रेस या AIMIM के साथ गठबंधन नहीं कर सकती। ऐसे गठबंधन अस्वीकार्य हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन समझौतों को खत्म करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और इसमें शामिल नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।"
नाराजगी
भाजपा ने नाराज शिंदे गुट
इस गठबंधन से सबसे ज्यादा पार्षद होने के बावजूद शिवसेना (शिंदे) को विपक्ष में बैठना पड़ा है। इससे नाराज शिंदे विधायक बालाजी किनिकर ने इस गठबंधन को अपवित्र बताते हुए भाजपा पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जो पार्टी कांग्रेस-मुक्त भारत की बात करती थी, वह अब कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चला रही है। यह शिवसेना की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है।" सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि इसका जवाब तो भाजपा ही दे पाएगी।
सफाई
स्थानीय नेताओं की सफाई भी सामने आई
भाजपा उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने शिंदे गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे पिछले 25 सालों से भ्रष्टाचार में लिप्त शिंदे गुट के साथ गठबंधन करते, तो ये बेहद अनुचित होता। पाटिल ने दावा किया कि उन्होंने अंबरनाथ नगर परिषद के लिए शिंदे गुट के साथ महागठबंधन पर कई बार चर्चा करने की कोशिश की, लेकिन उनके नेताओं से कोई जवाब नहीं मिला। भाजपा-कांग्रेस ने इस गठबंधन को 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' नाम दिया था।