निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अर्बन नक्सल कहा, प्रस्ताव पेश किया
क्या है खबर?
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान एक 'सब्सटेंटिव मोशन' पेश करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 'अर्बन नक्सल' कहा। दुबे ने कांग्रेस सांसद पर देश को बदनाम करने और 'सोरोस फाउंडेशन' के साथ संबंध बताते हुए देशद्रोही बताया और कहा कि नेता प्रतिपक्ष संवैधानिक संस्थाओं की विदेश में बदनामी करते हैं। दुबे के प्रस्ताव पेश करते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद कार्यवाही शुक्रवार तक स्थगित कर दी गई।
प्रस्ताव
अनुमति से पहले ही बोलने लगे दुबे, हुआ हंगामा
लोकसभा में शाम 5 बजे लोकहित के अविलंब मुद्दों पर चर्चा के बाद झारखंड के गोड्डा से सांसद दुबे खड़े हुए और नियम 352 (5) और 353 के तहत प्रस्ताव पेश करने की बात कही। हालांकि, तब तक सदन के पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने उनका नाम लेकर उनको बोलने की अनुमति नहीं दी थी। विपक्ष के शोर मचाने पर पीठासीन ने उनका नाम लिया। इसके बाद दुबे ने कहा कि वह एक प्रस्ताव के लिए खड़े हुए हैं।
बयान
क्या बोले दुबे?
दुबे ने कहा, "ये जो नेता प्रतिपक्ष है राहुल गांधी। ये अर्बन नक्सल की तरह व्यवहार करता है और इसका सोरोस फाउंडेशन के साथ संबंध है। ये वियतनाम, कंबोडिया, बहरीन, थाईलैंड केवल देशद्रोहियों के साथ मिलकर आता है और कभी चुनाव आयोग, संविधान, स्पीकर, सुप्रीम कोर्ट, जितने भी संवैधानिक संस्थाएं हैं, उनके ऊपर आरोप लगाता है। इस सब्सटेंटिव मोशन पर राहुल गांधी पर चर्चा हो। उसकी सदस्यता रद्द हो और कभी चुनाव न लड़ पाए, उसकी चर्चा होनी चाहिए।"
बयान
टुकडे़-टुकड़े गैंग का नेता है राहुल गांधी- दुबे
दुबे ने आरोप लगाया, "जितने भी देशद्रोही हैं, चाहे सोरोस फाउंडेशन हो या सैम पित्रोदा, सभी के साथ मिलकर देश को टुकड़े-टुकड़े करना चाहता है। ये टुकड़े-टुकड़े गैंग का नेता राहुल गांधी है।" बता दें, पित्रोदा भारत में टेलीकॉम क्रांति के जनक माने जाते हैं, जो अभी ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख हैं और राहुल गांधी के विदेश दौरे के दौरान होने वाले कार्यक्रम उनके माध्यम से आयोजित किए जाते हैं। सोरोस फाउंडेशन की फंडिंग पर सरकार सवाल उठा चुकी है।
प्रस्ताव
क्या है सब्सटेंटिव मोशन?
सब्सटेंटिव मोशन, अविश्वास प्रस्ताव या महाभियोग की तरह होता है, जिसे आधिकारिक पद के विरुद्ध लाया जा सकता है। यह प्रस्ताव सदन के सदस्य द्वारा विचारार्थ प्रस्तुत किया गया एक औपचारिक प्रस्ताव होता है। इसमें एक ऐसा सारगर्भित मुद्दा शामिल होता है, जिस पर निर्णय लेना आवश्यक होता है। सदन में इसकी स्वीकार्यता पर बहस होगी और प्रस्ताव देने वाले सांसद को आधार और आरोपों को सदन में प्रमाणित करना होता है।
ट्विटर पोस्ट
निशिकांत दुबे का लोकसभा में बयान
🚨HUGE: House shaken after Nishikant Dubey unloads on Rahul Gandhi
— The Analyzer (News Updates🗞️) (@Indian_Analyzer) February 12, 2026
— He flags Nonstop Foreign Trips, alleged meetings with SOROS-FORD ecosystem & his pattern of attacking every constitutional body from EC to Speaker🤯
Says this is not opposition politics but narrative warfare… pic.twitter.com/HMY21VaIiC
विवाद
राहुल के भाषण को लेकर भाजपा नाराज
दरअसल, एक दिन पहले राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देश को अमेरिका के हाथ बेचने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका से डर रहे हैं, जिसका कारण उद्योगपति अडाणी और यौन अपराधी जेफऱी एपस्टीन से जुड़े खुलासे हैं। इसका भाजपा ने काफी विरोध किया था, जिसके बाद पहले विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की खबर चली थी, लेकिन अब 'सब्सटेंटिव मोशन' दिया गया है।