भाजपा ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर किया मोदी सरकार का बचाव, दूसरे देशों से तुलना
क्या है खबर?
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद पूरे देश में विरोध शुरू हो गया है। इस बीच, भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का बचाव किया है। भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने बताया कि जब दुनिया के अधिकांश देशों में पेट्रोल-डीज़ल 10 से 50 प्रतिशत तक बढ़े हैं, तब भारत ने वृद्धि को केवल लगभग 3 प्रतिशत तक सीमित रखा है।
अपवाद
भारत बना अपवाद- मालवीय
मालवीय ने एक्स पर लिखा, 'पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने और तेल आपूर्ति बाधित होने के कारण अप्रैल और मई के अधिकांश समय कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहा। इसका असर दुनिया की लगभग हर अर्थव्यवस्था में सीधे पेट्रोल पंपों पर दिखाई दिया। लेकिन भारत इस पूरी तस्वीर में एक अलग और उल्लेखनीय अपवाद बनकर उभरा है।'
वृद्धि
कितनी हुई वृद्धि
मालवीय ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 23 फरवरी 2026 से 15 मई 2026 के बीच अधिकांश देशों में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। म्यांमार में पेट्रोल 89.7 प्रतिशत, मलेशिया में 56.3, पाकिस्तान में 54.9, संयुक्त अरब अमीरात में 52.4, अमेरिका में 44.5, श्रीलंका में 38.2, ब्रिटेन में 19.2, जर्मनी में 13.7, जापान में 9.7 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। भारत में पेट्रोल में वृद्धि सबसे कम 3.2 प्रतिशत हुई है।
ट्विटर पोस्ट
अमित मालवीय का पोस्ट
पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद दुनिया भर में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में भारी उछाल आया है। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के बंद होने और तेल आपूर्ति बाधित होने के कारण अप्रैल और मई के अधिकांश समय ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहा। इसका असर दुनिया की लगभग हर… pic.twitter.com/CgyqHIsbOL
— Amit Malviya (@amitmalviya) May 15, 2026