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विधानसभा चुनाव: क्या इस बार भी बाहुबली नेताओं के ईद-गिर्द घूमेगी बिहार की राजनीति?

विधानसभा चुनाव: क्या इस बार भी बाहुबली नेताओं के ईद-गिर्द घूमेगी बिहार की राजनीति?

Oct 22, 2020
07:35 pm

क्या है खबर?

बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर होगा। इसके लिए सभी पार्टियां पूरे दमखम से प्रचार अभियान में जुटी है, लेकिन एक चीज जो सबसे "आम" है वह है बाहुबली नेता। इस चुनाव में भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कई बाहुबली नेता अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और वह लोगों के आकर्षण का भी केंद्र बने हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस बार बिहार की राजनीति फिर से बाहुबली नेताओं के ईद-गिर्द घूमेगी?

हकीकत

बिहार की राजनीति में नहीं घट रही बाहुबलियों की संख्या

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार साल 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव में 39 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे।

उस दौरान नीतीश कुमार की अगुवाई वाली JDU ने राजनीति से 'जंगल राज' को खत्म करने का वादा कर लालू यादव की RJD को पछाड़ दिया था। अब 15 साल बाद फिर से वही स्थिति है और करीब 31 प्रतिशत उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं।

तुलना

बाहुबलियों ने इस तरह से रखा बिहार की राजनीति में कदम

ADR की रिपोर्ट के अनुसार साल 2010 के विधानसभा चुनाव में कुल 3,058 उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया था। इनमें से 32.24 प्रतिशत यानी 986 उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि के थे।

इसी तरह साल 2015 में कुल 3,450 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे थे और इनमें से 30.08 प्रतिशत यानी 1,038 आपराधिक पृष्ठभूमि के थे।

इनमें से कुल 20 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ हत्या, अपहरण, दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध दर्ज थे।

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संख्या

चुने गए सांसद और विधायकों में से 57 प्रतिशत की है आपराधिक पृष्ठभूमि

ADR की रिपोर्ट के अनुसार 2005 से अब तक कुल 10,785 उम्मीदवारों ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़े हैं। इनमें से 30 प्रतिशत आपराधिक पृष्ठभूमि के थे और 20 प्रतिशत के खिलाफ गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे।

इसी तरह राज्य में सांसद और विधायक चुने जाने वालों में 57 प्रतिशत आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं और 36 प्रतिशत पर गंभीर आपराधिक मामले हैं।

इससे साफ है कि बिहार की राजनीति बाहुबलियों के बिना संभव नहीं है।

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जानकारी

पहले चरण में भाग्य आजमा रहे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 328 उम्मीदवार

इस बार राज्य में पहले चरण के चुनाव में कुल 1,066 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें से 31 प्रतिशत (328) आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं और 23 प्रतिशत (244) के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आइए कुछ बड़े बाहुबलियों के बारे में जानें।

प्रमुख बाहुबली

बाहुबली अनंत सिंह ने RJD के टिकट से ठोकी ताल

बाहुबली अनंत सिंह मोकामा विधानसभा क्षेत्र से RJD के उम्मीदवार हैं। उनके खिलाफ हत्या, जबरन वसूली, अपहरण और अवैध हथियार रखने आदि के 38 मामले दर्ज हैं। वह इस समय जेल में हैं और मोकामा के मौजूदा विधायक हैं।

उन्होंने पिछले चुनाव में जेल से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीती हासिल की थी। उन्हें 2005 और 2010 में भी जीत मिली थी। अब देखना यह है कि इस बार भी वह जीत हासिल कर पाते हैं या नहीं।

अन्य बाहुबली

अत्री से बाहुबली अजय यादव तो ब्रह्मपुर से हुलास पांडे

बाहुबली अजय यादव अत्री विधानसभा सीट से RJD के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। उनके खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह बाहुबली स्वर्गीय बिंदेश्वरी प्रसाद यादव की पत्नी और JDU नेता मनोरमा देवी को चुनौती देंगे।

इसी तरह बाहुबली हुलास पांडे ब्रह्मपुर सीट से LJP के उम्मीदवार हैं। उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली के आपराधिक मामलों का सामना करता है। वह बाहुबली नेता सुनील पांडे के छोटे भाई हैं।

जानकारी

दानापुर से RJD उम्मीदवार और बाहुबली रितलाल यादव आजमा रहे किस्मत

दानापुर से RJD उम्मीदवार रितलाल यादव के खिलाफ हत्या, वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग सहित 33 मामले दर्ज हैं। वह इस साल अगस्त में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर रिहा हुए हैं। इस बार RJD ने उन्हें उनकी पत्नी आशा सिंह की जगह उतारा है।

अभय कुशवाह

14 आपराधिक मामलों के साथ चुनाव लड़ रहे हैं अभय कुशवाह

बाहुबली अभय कुशवाहा बेलागंज सीट से JDU के उम्मीदवार हैं। उनके खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इसी तरह विभा देवी नवादा सीट से RJD की उम्मीदवार हैं। वह बलात्कार के मामले में जेल में बंद पूर्व विधायक राज बल्लभ यादव की पत्नी हैं।

इसी तरह किरण देवी संधेश सीट से RJD की उम्मीदवार हैं। वह मौजूद विधायक और बलात्कार के मामले में फरार चल रहे अरुण यादव की पत्नी है। पार्टी ने इस बाद उन्हें टिकट दिया है।

मां-बेटा

RJD ने बाहुबली नेता की पत्नी लवली आनंद और बेटे चेतन आनंद को उतारा

RJD ने बाहुबली आनंद मोहन सिंह की पत्नी और बेटे को मैदान में उतारा है। आनंद मोहन 1994 में तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट जी कृष्णैया की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

पार्टी ने उनकी पत्नी लवली आनंद को सहरसा और बेटे चेतन आनंद शेहर से टिकट दिया है।

इसी तरह RJD ने महनार सीट से बाहुबली राम किशोर सिंह की पत्नी वीना आनंद को टिकट दिया है। रामकिशोर उनके प्रचार में जुटे हैं।

अन्य

ये बाहुबली और उनके परिवार के लोग भी लड़ रहे चुनाव

इनके अलावा RJD ने जेल की सजा काट रहे बाहुबली प्रभुनाथ सिंह के बेटे रणधीर सिंह को छपरा से उम्मीदवार बनाया है।

इसी तरह RJD ने नवादा से विधायक रहे बाहुबली राजबल्लभ यादव के नाबालिग से रेप के मामले में जेल में होने को लेकर उनकी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा है।

ऐसे में अब देखना यह है कि क्या ये बाहुबली नेता अपनी आपराधिक छवि के बाद भी लोगों का दिल जीतने में कामयाब होते हैं या नहीं।

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