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विधानसभा उपचुनाव: भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के गढ़ में जीते प्रशांत किशोर, दतिया में कांग्रेस का कब्जा
बिहार की बांकीपुर सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज की है

विधानसभा उपचुनाव: भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के गढ़ में जीते प्रशांत किशोर, दतिया में कांग्रेस का कब्जा

लेखन आबिद खान
संपादन भारत शर्मा
Aug 03, 2026
05:48 pm

क्या है खबर?

देश के 3 राज्यों की 3 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आ चुके हैं। बिहार की बांकीपुर सीट पर भाजपा को बड़ा झटका लगा है। यहां से जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर को 19,000 से अधिक वोटों से जीत मिली है। यह उनकी पहली चुनावी जीत है। वहीं, मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। गुजरात की मांजलपुर सीट पर भाजपा के सतेंद्र भाई पटेल को जीत मिली है।

बांकीपुर

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के गढ़ में हारी भाजपा

बांकीपुर में प्रशांत शुरू से ही बढ़त बनाए हुए हैं और आखिरी में उन्होंने जीत दर्ज कर ली। उन्हें 63,946 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 44,700 वोटों से संतोष करना पड़ा।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की रेखा कुमारी 14,241 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही।

बांकीपुर के पिछड़ना भाजपा के लिए बड़ा सियासी झटका है। ये पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की सीट रही है। भाजपा ने यहां से उम्मीदवार भी बदला था।

बयान

जीत को लेकर क्या बोले प्रशांत?

चुनाव में जीत के बाद प्रशांत ने कहा, "यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं है। मुख्यमंत्री (सम्राट चौधरी) का चरित्र पब्लिक डोमेन में है। किसी काबिल आदमी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाइए ताकि बिहार का विकास हो।"

उन्होंने बांकीपुर के विकास पर कहा, "अपनी ओर से जो हो सकेगा, बांकीपुर में सुधार का कार्य करवाएंगे। कुछ महीने में आपको सुधार दिखना शुरू हो जाएगा। मैं बांकीपुर को कोई बेंगलुरु तो नहीं बना दूंगा, लेकिन आपको सुधार जरूर देखने को मिलेगा।"

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संदेश

प्रशांत ने भाजपा को दिया अहम संदेश

प्रशांत ने आगे कहा, "बांकीपुर की जनता ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को संदेश दिया है कि भाई, आप किसी अच्छे आदमी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाइए। बिहार के लोग किसी ऐसे व्यक्ति को नेतृत्व सौंपना नहीं चाहते जिसका आपराधिक पृष्ठभूमि हो या जिसका आचरण, चरित्र और प्रतिष्ठा संदिग्ध हो।"

उन्होंने कहा, "अगर किसी कुशवाहा को ही मुख्यमंत्री बनाना है, तो बनाइए, लेकिन कुशवाहा समाज के ही किसी पढ़े-लिखे और अच्छे व्यक्ति को सामने लाइए।"

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दतिया

दतिया में कांग्रेस ने बरकरार रखी सीट

दतिया में भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर रही। शुरुआती 3 राउंड में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी आगे चल रहे थे, लेकिन बाद में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने बढ़त बना ली।

आखिर में उन्होंने 6,016 वोटों से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 66,757 वोट मिले, जबकि आशुतोष को 60,741 वोटों से ही संतोष करना पड़ा।

यहां भाजपा ने राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया था। इस पर उनके समर्थकों ने हंगामा किया था।

मांजलपुर

मांजलपुर में भाजपा ने दर्ज की बड़ी जीत

गुजरात के मांजलपुर में भाजपा ने आसान जीत दर्ज की। यहां भाजपा प्रत्याशी सतेंद्रभाई पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार भीखाभाई रबारी को 30,630 वोटो से रहा दिया।

सतेंद्र को 55,481 वोट मिले, जबकि भीखाभाई को 24,851 वोटों से संतोष करना पड़ा।

यह सीट भाजपा का गढ़ रही है। 2012 में पहली बार चुनाव से लेकर अब तक यहां भाजपा का कब्जा रहा है।

2022 में भाजपा ने एक लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी।

बयान

यह पूरी तरह से जनता की जीत- सतीश पटेल

सतीश पटेल ने अपनी इस सफलता का श्रेय मांजलपुर की जनता और पार्टी के कार्यकर्ताओं को दिया।

उन्होंने कहा, "मांजलपुर की जनता ने जिस प्रकार स्वर्गीय योगेश काका पर अपना भरोसा जताया था, वैसा ही अभूतपूर्व आशीर्वाद मुझे भी दिया है। यह जीत पूरी तरह से जनता की जीत है। मैं जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करूंगा। क्षेत्र का विकास, बेहतर सड़कें, पेयजल आपूर्ति और अन्य बुनियादी जनसुविधाएं उनकी प्राथमिकता होगी।"

वजह

क्यों हुए थे उपचुनाव?

बांकीपुर सीट भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक सीट है। वे यहां से 5 बार विधायक रहे हैं। उनको राज्यसभा भेजे जाने के चलते ये सीट खाली हुई थी।

वहीं, मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस के राजेंद्र भारती विधायक थे। एक मामले में सजा होने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता चली गई थी, जिसके चलते यहां उपचुनाव हुए।

मांजलपुर सीट भाजपा के पूर्व विधायक और राज्य मंत्री योगेश पटेल के निधन के चलते खाली हुई है।

परिचय

बिहार विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी थी जनसुराज

कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज पार्टियों और नेताओं के चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार अपनी किस्मत आजमाई थी।

तब उनके पार्टी ने 238 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, वे खुद चुनाव नहीं लड़े थे।

नतीजों में पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली, लेकिन 3.44 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। बांकीपुर की जीत प्रशांत की पहली चुनावी जीत है।

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