असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोराह ने पार्टी छोड़ी, क्या भाजपा में शामिल होंगे?
क्या है खबर?
असम में अपनी वापसी के लिए मेहनत कर रही कांग्रेस को विधानसभा चुनाव से पहले तगड़ा झटका लगा है। यहां के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह ने सोमवार को पार्टी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है। इस्तीफे में बोराह ने आरोप लगाया है कि पार्टी नेतृत्व उनकी अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस सांसद और वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई की मनमानी को भी अपने इस्तीफे का कारण बताया है।
इस्तीफा
प्रियंका गांधी के असम दौरे से पहले असम में हलचल
बोराह ने अपना इस्तीफा ऐसे समय पर दिया है, जब विधानसभा चुनाव को लेकर प्रियंका गांधी असम का दौरा करने वाली हैं। बोराह ने गुवाहाटी में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पार्टी उच्च कमान को ईमेल से अपना इस्तीफा भेजा है। उन्होंने कहा कि वह कुछ छिपाते नहीं और न कोई गुप्त कदम उठाएंगे। जल्द ही अगले कदम की जानकारी देंगे। गौरव गोगोई, भंवर जितेंद्र सिंह, प्रद्युत बोरदोलोई औऱ अखिल गोगोई ने भूपेन से उनके आवास पर मुलाकात की है।
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हिमंत बिस्वा सरमा ने बोराह को भाजपा में शामिल करने का संकेत दिया
बोराह के इस्तीफे की खबर फैलते ही असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उन्हें असम कांग्रेस पार्टी का आखिरी हिंदू नेता बताते हुए कहा कि वह मंगलवार शाम को उनके घर जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह 3 साल पहले बोराह का स्वागत करने और उन्हें एक सुरक्षित सीट देने के लिए तैयार थे। वह कांग्रेस के इकलौते ऐसे नेता थे, जो किसी परिवारवाद से नहीं थे। बता दें, बोराह ने अभी भाजपा में जाने के संकेत नहीं दिए हैं।
पहचान
कौन हैं भूपेन बोराह?
बोराह किसी राजनीतिक नहीं बल्कि सामान्य ग्रामीण परिवार से हैं। उनकी पत्नी मौसुमी बोरगोहैन बोराह डॉक्टर हैं और दंपति के 2 बच्चे हैं। बोराह ने नॉर्थ लखीमपुर कॉलेज और डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। बोराह 1994 में कांग्रेस में शामिल हुए, 1996-1998 तक असम प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष, 2002-2010 तक असम कांग्रेस के महासचिव, 2013 में पार्टी सचिव और 2021-2024 तक असम अध्यक्ष रहे। वे बिहपुरिया विधानसभा से 2006 और 2011 में 2 बार विधायक बने हैं।