गौरव गोगोई का दावा- कांग्रेस की गोपनीय जानकारी हिमंत बिस्वा सरमा को देते थे भूपेन बोराह
क्या है खबर?
असम में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और 2 बार के विधायक भूपेन बोराह पर पार्टी के साथ छल करने का आरोप लगा है। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भूपेन बोराह के बीच करीबी संबंधों को लेकर कई अफवाहें फैली थीं, लेकिन इन पर विश्वास नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अब ये अफवाह सच साबित हुई है।
बयान
हम हमेशो सोचते रहे कि बैठकों की जानकारी सरमा को कैसे मिली- गोगोई
गोगोई ने कहा, "मुख्यमंत्री सरमा और बोराह के बीच करीबी संबंधों को लेकर कई अफवाहें थीं, लेकिन हमने पूरी कोशिश की कि इन पर विश्वास न किया जाए, लेकिन हम हमेशा चकित रहते थे कि हमारी गोपनीय बैठकों की जानकारी सरमा के करीबी पत्रकार को कैसे पता चली। अब ये अफवाहें और धारणा पूरी तरह सच साबित हुई हैं, क्योंकि बोराह कांग्रेस से इस्तीफा देने के तुरंत बाद भाजपा में चले गए और सरमा के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।"
आरोप
सरमा को असम का जिन्ना कहा
गोगोई ने मुख्यमंत्री सरमा को असम का जिन्ना कहा और समाज को बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरमा के राज में गाय तस्करी सिंडिकेट को बढ़ावा मिला है, उनको नेताओं को हिंदू प्रमाणपत्र बांटना बंद कर देना चाहिए। लोकसभा में उपसभापति गोगोई ने कहा कि कांग्रेस ने सरमा के जमीन के कारोबार का पर्दाफाश किया है कि किस तरह एक परिवार को करोड़ों रुपये की जमीन मिल रही है।
चयन
22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे बोराह
बोराह 1994 में कांग्रेस में शामिल हुए थे। इसके बाद उनको 1996-1998 तक असम प्रदेश युवा कांग्रेस का अध्यक्ष, 2002-2010 तक असम कांग्रेस का महासचिव, 2013 में पार्टी सचिव और 2021-2024 तक असम अध्यक्ष बनाया गया। वे बिहपुरिया विधानसभा से 2006 और 2011 में 2 बार विधायक बने हैं। उन्होंने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दिया था। उनको राहुल गांधी, गोगोई समेत कई नेता समझा रहे थे, लेकिन उन्होंने फैसला नहीं बदला। बोराह 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे।