
मोदी कैबिनेट में नहीं होंगे जेटली, प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा- न दी जाए जिम्मेदारी
क्या है खबर?
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में कोई पदभार नहीं संभालेंगे।
जेटली ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि उनके स्वास्थ्य की वजह से वह सरकार में कोई जिम्मेदारी लेने में असमर्थ हैं।
उन्होंने लिखा कि डॉक्टरों की मदद से उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन वह अभी भी थोड़ा समय अपने इलाज और सेहत के लिए चाहते हैं।
उन्होंने पहले दी हुई जिम्मेदारियों के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद भी दिया।
जानकारी
कैंसर से जूझ रहे हैं जेटली
किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे जेटली का पिछले साल मई में किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। इसके अलावा जेटली कैंसर से भी जूझ रहे हैं। उनके बायें पैर में सॉफ्ट टिशू कैंसर है जिसकी सर्जरी के लिए जेटली जनवरी में अमेरिका भी गए थे।
पत्र
जेटली ने पत्र में लिखी यह बात
जेटली ने मोदी को भेजे पत्र में लिखा, 'यह मेरे लिए सम्मान की बात रही कि मैं पिछले पांच साल उस सरकार का हिस्सा रहा जिसका नेतृत्व आप (मोदी) कर रहे थे। इससे पहले भी पार्टी ने NDA के कार्यकाल में मुझे कई जिम्मेदारियां दी थी। जब हम सरकार में थे तब और जब विपक्ष में थे तब भी। मैं इससे ज्यादा की मांग नहीं कर सकता।'
उन्होंने लिखा कि डॉक्टरों ने फिलहाल उन्हें आराम करने की सलाह दी है।
ट्विटर पोस्ट
जेटली का प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र
I have today written a letter to the Hon’ble Prime Minister, a copy of which I am releasing: pic.twitter.com/8GyVNDcpU7
— Arun Jaitley (@arunjaitley) May 29, 2019
सरकारी पक्ष
सरकार ने दी थी जेटली के स्वास्थ्य की जानकारी
पिछले कुछ दिनों से अरुण जेटली के स्वास्थ्य को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थी।
मीडिया में यह खबरें पहले से थीं कि खराब स्वास्थ्य के कारण जेटली नई सरकार का हिस्सा नहीं होंगे।
उनकी हालत से जुड़ी अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए सरकार को आगे आना पड़ा था।
केंद्र सरकार के प्रवक्ता सिंताशु कार ने ट्वीट कर कहा था कि जेटली के स्वास्थ्य को लेकर चल रहीं खबरें पूरी तरह गलत और निराधार हैं।
ट्विटर पोस्ट
पेमा खांडू को अरुणाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की दी बधाई
Congratulations to Shri Pema Khandu ji on taking oath as the Chief Minister of Arunachal Pradesh. I wish him the very best for his future endeavours. @PemaKhanduBJP
— Arun Jaitley (@arunjaitley) May 29, 2019
सार्वजनिक राजनीति
सार्वजनिक राजनीति से दूर हैं जेटली
जेटली पिछले काफी समय से अपनी खराब सेहत के कारण सार्वजनिक राजनीति से दूर हैं। बीमारी के चलते वो काफी कमजोर हो गए हैं।
हालांकि, इस दौरान वो कई महत्वपूर्ण मौकों पर सरकार के पक्ष में अपने ब्लॉग के माध्यम से आवाज बुलंद की है।
पिछले सप्ताह उन्हें दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज किया गया।
खराब सेहत के कारण वो भाजपा मुख्यालय पर जीत के जश्न में शामिल नहीं हो पाए थे।
जानकारी
पीयूष गोयल हो सकते हैं वित्त मंत्री
अरुण जेटली के सरकार में शामिल न होने की स्थिति में पीयूष गोयल का वित्त मंत्री बनाया जा सकता है। जेटली के अनुपस्थिति में उन्होंने पहले भी वित्त मंत्रालय का काम संभाला है। पीयूष गोयल ने ही 2019 का बजट पेश किया था।
राजनीतिक करियर
आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में रहे थे जेटली
दिल्ली में जन्मे जेटली जाने-माने वकील और राजनेता हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान वे अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के यूनिवर्सिटी अध्यक्ष बने।
आपातकाल के दौरान जेटली को 19 महीनों तक जेल में रहना पड़ा था। 2014 में जेटली ने अमृतसर से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
इसके बाद सरकार ने उन्हें राज्यसभा सांसद के रूप में कई अहम मंत्रालयों का प्रभार सौंपा। इनमें रक्षा और वित्त जैसे मंत्रालय शामिल थे।