अमित शाह ने स्पीकर को पत्र लिखकर चर्चा की मांग की, विपक्ष क्यों बना रहा दूरी?
क्या है खबर?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर छात्रों के आंदोलन से जुड़े मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की है। उन्होंने बुधवार को भेजे गए पत्र में लिखा कि सरकार ने चर्चा के लिए सहमति जता दी है और वह भी विपक्ष के सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हैं। शाह के चर्चा के लिए तैयार होने के बाद भी विपक्ष क्यों विरोध कर रहा है? आइए, जानते हैं।
पत्र
शाह ने पत्र में क्या लिखा?
शाह ने पत्र में लिखा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार की ओर से बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में छात्रों के मु्ददे पर चर्चा के लिए सहमति जता दी है, जबकि लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकधाम) संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा हो चुकी है।
उन्होंने लिखा कि उस समय भी विपक्ष ने सदन में कोई विचार व्यक्त नहीं किया, फिर भी सरकार एक बार फिर चर्चा को तैयार हैं।
सदन
बहस के लिए समय निर्धारित करने की मांग
शाह ने पत्र में लिखा कि स्पीकर विपक्ष से चर्चा करके जितने घंटे आवंटित करना चाहें कर सकते हैं, वह सदन में उपस्थित रहकर चर्चा में भाग लेना चाहते हैं और सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने पत्र में लिखा कि लोकतंंत्र में संवाद और चर्चा से ही समाधान निकलता है औऱ उनका लोकतंंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अटूट विश्वास है।
उन्होंने लिखा कि सदन चर्चा और संवाद के लिए ही है।
ट्विटर पोस्ट
अमित शाह का पत्र
𝐔𝐧𝐢𝐨𝐧 𝐇𝐨𝐦𝐞 𝐌𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐞𝐫 𝐒𝐡𝐫𝐢 @AmitShah 𝐡𝐚𝐬 𝐰𝐫𝐢𝐭𝐭𝐞𝐧 𝐭𝐨 𝐋𝐨𝐤 𝐒𝐚𝐛𝐡𝐚 𝐒𝐩𝐞𝐚𝐤𝐞𝐫 𝐎𝐦 𝐁𝐢𝐫𝐥𝐚, 𝐮𝐫𝐠𝐢𝐧𝐠 𝐚 𝐝𝐢𝐬𝐜𝐮𝐬𝐬𝐢𝐨𝐧 𝐢𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐇𝐨𝐮𝐬𝐞 𝐨𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐬𝐭𝐮𝐝𝐞𝐧𝐭 𝐦𝐨𝐯𝐞𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐨𝐯𝐞𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐍𝐄𝐄𝐓… pic.twitter.com/mRzLkmQpjM
— BJP (@BJP4India) August 12, 2026
विरोध
अब विपक्ष क्यों कर रहा विरोध?
भले ही केंद्र ने छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमति दी हो और शाह भी जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष इस पर राजी नहीं है।
दरअसल, विपक्ष को आशंका है कि केंद्र और शाह लंबी चर्चा कराकर मुद्दे से ध्यान भटका सकते हैं और अपनी चिरपरिचित शैली में कांग्रेस शासित सरकारों की कमियों को उजागर करेंगे।
इसलिए विपक्ष सीधे तौर पर लंबी बहस न करके सिर्फ शाह से मुद्दे पर बयान चाह रहा है।
विपक्ष
राहुल गांधी ने कहा- विपक्ष शाह का भाषण नहीं सुनना चाहता
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को एक बार फिर कहा कि विपक्ष को अमित शाह का भाषण सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है।
उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा, "छात्रों पर गोली किसने चलाई? कील लगी लाठियों से छात्रों को पीटने का आदेश किसने दिया? क्या हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश अमित शाह ने दिया था? अगर उन्होंने ऐसा किया है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।"
सवाल
सिर्फ 3 मुद्दों पर जवाब चाहता है विपक्ष
राहुल ने पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार के सामने 3 मांग रखी है।
उन्होंने कहा कि शाह को सदन में बताना चाहिए कि छात्रों पर गोली किसके आदेश पर चली, अगर उनके आदेश पर चली तो इस्तीफा दें, अगर जानकारी नहीं, तो वे पद पर बैठने के लायक नहीं।
इसके अलावा, राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों पर बर्बरता और राम मंदिर चंदा-चोरी पर देश से माफी मांगने की मांग की है।