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संसद में अमित शाह बोले- INDI गठबंधन विधेयकों का नहीं, महिला आरक्षण का विरोध कर रहा
गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को लेकर लोकसभा को संबोधित किया (फाइल तस्वीर)

संसद में अमित शाह बोले- INDI गठबंधन विधेयकों का नहीं, महिला आरक्षण का विरोध कर रहा

लेखन आबिद खान
Apr 17, 2026
07:03 pm

क्या है खबर?

महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने लोकसभा में 3 विधेयक पेश किए हैं। इन पर आज दूसरे दिन चर्चा जारी है। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इन विधेयकों का किसी ने विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, "सबसे विधेयक का समर्थन किया है, लेकिन बारीकी से देखें तो INDIA के सभी सदस्यों ने अगर, मगर, किंतु, परंतु का इस्तेमाल कर स्पष्ट रूप से विरोध किया है।"

आरक्षण

शाह बोले- विपक्ष SC/ST आरक्षण का विरोध कर रहा

शाह ने कहा, "परिसीमन से ही SC और ST सीटों का आरक्षण भी साफ होगा। विपक्ष विधेयक का विरोध कर परिसीमन का नहीं, बल्कि SC/ST आरक्षण का विरोध कर रहा है। सदन में 543 सदस्य हैं। किसी की सीट में वोटर्स की संख्या 49 लाख है किसी की 60,000। क्या इस सदन में जो विरोध करते हैं, मुझे समझा सकते हैं कि जिस सांसद के क्षेत्र में 49 लाख मतदाता हो वो कैसे जिम्मेदारी निभाएगा।"

बयान

शाह ने गिनाए विधेयक लाने के उद्देश्य

शाह ने कहा, "ऐसी दिखाई दिया कि विरोध इसे लागू करने के तरीके पर है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ये विरोध लागू करने का नहीं, बल्कि केवल महिला आरक्षण का है। विधेयकों का पहला उद्देश्य है कि महिला सशक्तिकरण करने वाले इस सुधार को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए। दूसरा उद्देश्य है- एक व्यक्ति एक वोट और एक मूल्य के सिद्धांत की भावना का लागू किया जाए।"

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संबोधन

शाह ने गिनाई ज्यादा मतदाता वाली सीटों की संख्या

शाह ने आगे कहा, "1971 से अब तक सीटों की संख्या फ्रीज है। 127 सीटें ऐसी हैं, जहां 20 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। जहां 48 लाख मतदाता हैं, वो सांसद कैसे इनते मतदाताओं की अपेक्षा पर खरा उतरेगा। तेलंगाना के मल्काजगिरी में 48 लाख वोटर हैं। गाजियाबाद में 28 लाख संख्या है। 21 सीटों पर 20 लाख से ज्यादा वोटर हैं। परिसीमन करने दोगे तो एक की जगह 2 सीटें आ जाएंगी।"

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गणित

शाह ने समझाया सीटों को बढ़ाने का गणित

शाह ने कहा, "हर वोटर को अपना प्रतिनिधि समान रूप से पाने का अधिकार है। तमिलनाडु में 39 सीटें है। अगर 2011 की जनगणना के आधार पर करते हैं तो तमिलनाडु की सीटें 6 कम हो जाएंगी। लेकिन हम हर राज्य की सीटें 50 फीसदी बढ़ा रहे हैं। कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया कि जनगणना समय पर क्यों नहीं हुई। सबको मालूम है कि 2021 में जनगणना होनी थी, लेकिम कोविड संकट आया और उसके कारण जनगणना नहीं हो पाई।"

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