
कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, अहमद पटेल बोले- महाराष्ट्र में संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं
क्या है खबर?
शिवसेना और NCP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस नेताओं ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खड़गे आदि नेता शामिल रहे।
पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। बिना बैंड बाजा बारात के मुख्यमंत्री ने शपथ ली।
उन्होंने कहा राज्यपाल ने कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका नहीं दिया। संविधान के मूल्यों के अवहेलना कर यह शपथ ग्रहण समारोह हुआ है। इन्होंने बेशर्मी की इंतेहा पार की है।
बयान
कांग्रेस की तरफ से नहीं हुई कोई देरी- पटेल
पटेल ने कहा कि यह घटना महाराष्ट्र के इतिहास में काली स्याही से लिखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, शिवसेना और NCP मिलकर सरकार बनाने के लिए चर्चा कर रही थी। इसके लिए शनिवार को तीनों पार्टियों की बैठक होनी थी। इनमे कई मुद्दों पर चर्चा होनी थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तरफ से किसी प्रकार की देरी नहीं हुई थी।
पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र में जो हुआ है उसकी आलोचना के लिए उनके पास शब्द नहीं है।
बयान
शनिवार को होनी थी अंतिम दौर की बातचीत- पटेल
पटेल ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और NCP की सरकार बनेगी। तीनों दल भाजपा को पराजय देने के लिए साथ आए हैं।
उन्होंने कहा कि शनिवार को तीनों पार्टियों के बीच अंतिम दौर की बात होनी थी, लेकिन उससे पहले यह कांड हो गया।
पटेल ने कहा कि कुछ बहुमत प्रस्ताव को लेकर तीनों पार्टियां एकजुट है।
ट्विटर पोस्ट
बहुमत परीक्षण में भाजपा को हराएंगे- पटेल
Ahmed Patel,Congress: All the three(Congress-NCP-Shiv Sena) parties are together in this and I am confident we will defeat BJP in the trust vote. All Congress MLAs are present here except two who are right now in their village, but they too are with us. pic.twitter.com/s0snX0yQNm
— ANI (@ANI) November 23, 2019
कानूनी चुनौती
कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस- पटेल
अहमद पटेल ने कहा कि कांग्रेस इस मामले पर राजनीतिक और चुनावी लड़ाई लड़ेगी।
इससे पहले खबरें आई थीं कि कांग्रेस देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने को कानूनी चुनौती दे सकती है। इसके लिए पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी से बात की है। हालांकि, कहा जा रहा है कि कांग्रेस के पास विकल्प काफी सीमित है।
फिलहाल पार्टी महाराष्ट्र में तेजी से बदलते घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है।