
छह महीने के अंदर उर्मिला मातोंडकर ने दिया कांग्रेस से इस्तीफा, अंदरूनी राजनीति को बताया वजह
क्या है खबर?
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल होने हुईं बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने छह महीने के अंदर ही पार्टी को अलविदा कह दिया है।
मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए उर्मिला ने कहा कि पार्टी की अंदरूनी राजनीति उन्हें मुबंई कांग्रेस के लिए बड़े स्तर पर काम करने से रोक रही थी।
उर्मिला उत्तर मुंबई लोकसभा सीट से चुनाव लड़ीं थीं। हालांकि, उनके हाथ निराशा लगी और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
बयान
उर्मिला ने कहा- मेरी राजनीतिक और सामाजिक समझ मुझे इजाजत नहीं देती
मंगलवार को अपना बयान जारी करते हुए उर्मिला मातोंडकर ने कहा, "मेरी राजनीतिक और सामाजिक समझ पार्टी के कुछ लोगों के मुझे मुंबई कांग्रेस के बड़े उद्देश्य की बजाय अंदरूनी राजनीति की लड़ाई में इस्तेमाल करने से इनकार करती है।"
बता दें कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद से ही कांग्रेस अंदरूनी राजनीति में उलझी हुई है और उसके कई नेता पार्टी छोड़ कर जा चुके हैं और कई जाने की कगार पर हैं।
पृष्ठभूमि
उर्मिला ने लिखा था मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा को पत्र
अपने बयान में उर्मिला ने पार्टी पर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा को लिखे एक पत्र में उठाए गए मुद्दों को दरकिनार करने का आरोप लगाया।
इस पत्र में उन्होंने मुंबई कांग्रेस के पू्र्व अध्यक्ष रहे संजय निरूपम के करीबी सहयोगियों संदेश कोंडविलकर और भूषण पाटिल के व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त की थी।
ये पत्र मीडिया में लीक कर दिया गया था, जिस पर उर्मिला ने सख्त नाराजगी व्यक्त की थी।
जानकारी
इन बातों के लिए उर्मिला ने की पार्टी की आलोचना
उर्मिला ने स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाए रखने, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को जुटाने और प्रचार के लिए उन्हें पर्याप्त साधन प्रदान करने में विफलता के लिए पार्टी नेतृत्व की आलोचना की थी। इसमें कोंडविलकर और पाटिल का विशेष तौर पर नाम लिया गया था।
सफर की शुरूआत
मार्च में कांग्रेस में शामिल हुईं थीं उर्मिला
लोकसभा चुनाव से पहले मार्च के अंत में उर्मिला मातोंडकर कांग्रेस में शामिल हुईं थीं।
इस दौरान उर्मिला ने कहा था कि उन्हें कांग्रेस से जुड़ने की जरूरत महसूस हुई क्योंकि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में थी और पिछले 5 साल में इसके कई उदाहरण देखने को मिले और वहां टिकने के लिए आई हैं।
उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई में योगदान दिया था और यह आजादी के लिए खड़ी हुई थी।
लोकसभा चुनाव
जिस सीट से 2004 में गोविंदा लड़े, उसी से लड़ीं उर्मिला
उर्मिला उत्तर मुंबई सीट से लोकसभा चुनाव लड़ी थीं।
इसी सीट से बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा भी 2004 में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े थे। उन्होंने सीट पर भारतीय जनता पार्टी की जीत का क्रम तोड़ते हुए उसके प्रत्याशी राम नाइक को मात दी थी।
हालांकि उर्मिला ये करिश्मा दोहराने में नाकाम रहीं।
लगभग एकतरफा रहे मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी गोपाल शेट्टी को उन्होंने 4,65,247 वोटों से मात दी थी।