सफेद बनाम भूरी चीनी: किसका सेवन सेहत के लिए होता है ज्यादा बेहतर?
क्या है खबर?
चीनी का उपयोग मिठाइयों में मिठास लाने के लिए किया जाता है। बाजार में चीनी के कई विकल्प मौजूद हैं, जिनमें सफेद और भूरी चीनी सबसे आम हैं। सफेद चीनी को सामान्य चीनी माना जाता है, जबकि भूरी चीनी को सेहत के लिए बेहतर विकल्प कहा जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि इनमें से कौन-सी चीनी सेहत के लिए अधिक फायदेमंद है। आइए जानते हैं कि इन दोनों में से किसका चयन करना फायदेमंद हो सकता है।
सफेद चीनी
सफेद चीनी क्या होती है?
सफेद चीनी गन्ने से बनाई जाती है। इसे बनाने की प्रक्रिया में गंदगी और अशुद्धियों को हटाने के लिए कई प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है।
इसके कारण इसमें मौजूद जरूरी तत्व नष्ट हो जाते हैं और यह केवल कैलोरी प्रदान करती है। सफेद चीनी का अधिक सेवन करने से वजन बढ़ने और मधुमेह जैसी समस्याएं होने और दांतों में सड़न होने का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए, इसे सीमित मात्रा में ही खाना बेहतर होता है।
भूरी चीनी
भूरी चीनी कैसे बनाई जाती है?
भूरी चीनी सफेद चीनी की तुलना में कम प्रोसेस की जाती है। इसे बनाने के लिए गन्ने या चुकंदर का उपयोग किया जाता है, लेकिन इसमें प्राकृतिक खनिज और विटामिन होते हैं।
भूरी चीनी में आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी तत्व होते हैं, जो सफेद चीनी में नहीं पाए जाते।
इसके अलावा भूरी चीनी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) भी कम होता है, जिससे यह मधुमेह के मरीजों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती है।
अंतर
सफेद बनाम भूरी चीनी: पोषक तत्वों में अंतर
सफेद चीनी में कैलोरी के अलावा कोई भी जरूरी तत्व नहीं होता है, जबकि भूरी चीनी में कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम और एंटी-ऑक्सीडेंट्स जैसे कई जरूरी तत्व पाए जाते हैं।
इसके अलावा सफेद चीनी का GI 65 होता है, जबकि भूरी चीनी का GI 50 होता है। इससे साफ है कि जरूरी तत्वों और कम GI के कारण भूरे रंग की चीनी सफेद चीनी से बेहतर मानी जा सकती है।
फायदे
भूरी चीनी के सेवन से मिलने वाले फायदे
भूरी चीनी आयरन से भरपूर होती है, जो लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करने और खून की कमी से लड़ने में मदद कर सकती है।
इसमें पोटेशियम भी होता है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा भूरे रंग की चीनी में एंटी-ऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो शरीर की रक्षा में मदद कर सकते हैं।
भूरी चीनी का सेवन पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने में भी सहायक हो सकता है।