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क्या है गर्दन की हड्डी का बढ़ना? जानिए इससे जुड़ी अहम बातें और लक्षण 
गर्दन की हड्डी का बढ़ना

क्या है गर्दन की हड्डी का बढ़ना? जानिए इससे जुड़ी अहम बातें और लक्षण 

लेखन सयाली
Jul 26, 2026
10:27 am

क्या है खबर?

गर्दन की हड्डी का बढ़ना एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्दन की रीढ़ की हड्डियों पर अतिरिक्त हड्डी का विकास होता है। यह समस्या आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ होती है, लेकिन कुछ मामलों में युवा लोगों में भी देखी जा सकती है। इस लेख में हम इस बीमारी के बारे में विस्तार से जानेंगे और समझेंगे कि इसके कारण, लक्षण, इलाज और इससे उबरने में लगने वाला समय क्या है।

#1

क्या है यह स्थिति?

गर्दन की हड्डी का बढ़ना बीमारी को 'सर्वाइकल स्पाइन बोन स्पर्स' भी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्दन की रीढ़ की हड्डियों पर अतिरिक्त हड्डी का विकास होता है।

इसे ऑस्टियोफाइट्स भी कहा जाता है। ये वृद्धि हड्डियों के जोड़ो पर बनती हैं और अक्सर दर्द का कारण बन सकती हैं। यह समस्या आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ होती है, लेकिन कुछ मामलों में युवा लोगों में भी देखी जा सकती है।

#2

इस बीमारी के कारण

गर्दन की हड्डी के बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उनके जोड़ो पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

इसके अलावा मोटापा, असंतुलित जीवनशैली, गलत तरीके से बैठना या काम करना भी इस समस्या का कारण बन सकता है।

इसके अलावा किसी पुरानी चोट का प्रभाव भी हड्डी की वृद्धि का कारण हो सकती है, जो कभी पूरी तरह से ठीक न हुई हो।

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#3

इसके लक्षण

गर्दन की हड्डी के बढ़ने के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। आमतौर पर इसमें गर्दन में दर्द, अकड़न और सूजन शामिल होते हैं।

इसके अलावा हाथों में सुन्नपन, झनकार आना या कमजोरी महसूस होना भी इसके लक्षण हो सकते हैं। कुछ मामलों में सिरदर्द और कंधों में दर्द भी देखा जा सकता है।

अगर आपको इन लक्षणों का अनुभव हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि सही इलाज मिल सके।

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#4

कैसे किया जा सकता है इलाज?

गर्दन की हड्डी के बढ़ने का इलाज करने के लिए डॉक्टर कई प्रकार की विधियों का सहारा लेते हैं। इनमें दर्द निवारक दवाएं, फिजियोथेरेपी, गरम-सर्द सिकाई और खास व्यायाम शामिल होते हैं।

गंभीर मामलों में ऑपरेशन की आवश्यकता भी पड़ सकती है, जिसमें प्रभावित हिस्से की मरम्मत की जाती है।

इसके अलावा जीवनशैली में बदलाव, जैसे संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और सही तरीके से बैठना भी मददगार हो सकता है।

#5

उबरने में लगने वाला समय

गर्दन की हड्डी के बढ़ने से उबरने का समय व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है। अगर समय रहते सही इलाज किया जाए तो जल्दी सुधार संभव है।

आमतौर पर कुछ हफ्तों में लक्षणों में कमी आती है। हालांकि, पूरी तरह से ठीक होने में महीनों का समय भी लग सकते हैं।

इसलिए, नियमित जांच-पड़ताल और डॉक्टर की सलाह मानना जरूरी है, ताकि समस्या बढ़ने से पहले ही उसका समाधान हो सके।

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